(सुशील अवस्थी "राजन") जो अच्छा लगे,जिसपर विश्वास करने को जी चाहे,जिसका नाम याद आते ही आप खुश हो जाये,ऐसे इंसान को क्या कहा जा सकता है ?दोस्त ,महबूब, माशूक ......?क्या आपके पास कोई ऐसा है जिसपर आप आँख मूदकर भरोसा कर सकें ?यदि हाँ..... तो अपने आपको सौभाग्यशाली मानिये /यकीन मानिये ऐसे लोग हमारे आपके बीच से विलुप्त होने की कगार पर हैं/एक दिन दो जवान लड़के बात कर रहे थे ,कि राघव (काल्पनिक नाम ) से हमने इस लिए दोस्ती की ताकि उसकी खुबसूरत बहन पटा सकूँ / ये भी दोस्त हैं /दोस्ती को अपने आस -पास करीब-करीब हम इसी रूप में पाते हैं /ऐसे माहौल में यदि आपके पास एक अदद विश्वास पात्र दोस्त हो तो आप क्यों ना अपने आप पर इतराएँ /
महबूबाओं की बात सुनो ,एक लड़की अपनी सहेली के ब्वाय -फ्रेंड को लेकर भाग गयी ,इसलिए क्योंकि वह उसके वाले से ज्यादा अमीर था /क्या आज की ज्यादातर महबूबाओं के इरादे ऐसे ही नहीं होते ?ऐसे में यदि आपके पास एक फख्र करने वाली महबूबा हो तो आप अपने आप को क्या कहलाना पसंद करोगे भाग्यशाली या दुर्भाग्यशाली ?वास्तव में अच्छे लोग आपको तभी मिलते हैं जब ऊपर वाले की इच्छा हो /
हम अपने आस -पास विलुप्त होने की कगार पर खड़े ऐसे लोगों को खोजें,उनका सम्मान करें,तभी इस प्रजाति को बचाया जा सकता है /शेष फिर कहूँगा /
No comments:
Post a Comment