Thursday, March 17, 2011

Ye Kaise Hole Hai..?

घर कैसे पहुंचू .....?
रेलवे बेहाल है,
ट्रैक पर लेटे हैं जाट,
बड़ा बुरा हाल है|
सरकार का भी ....
अस्तित्व है,
ये बात अब लगती ठिठोली है,
मेरा मन पूंछ रहा है .... 
आखिर ये कैसे होली है ...? 

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