सुशील अवस्थी "राजन"- नए साल की बधाईयाँ आपको भी मिल रहीं होंगी ,हमें तो खूब मिल रही हैं /नजर जिधर -जिधर जाय उधर बधाई ही नजर आय /खम्भा दर खम्भा ,चौराहा दर चौराहा ,जिधर देखिये नए साल की बधाई देने वालों का ताँता लगा हुआ है /ये सब भावी नगर निगम के चुनाओं की ही महिमा है जो कि बधाई प्रदाता सेलुलर कंपनियों की तरह बढे जा रहे हैं /सुन्दर -सुन्दर चेहरे वाले प्रत्याशियों की तो पौ बारह है /पर मेरे जैसे ऊबड़ -खाबड़ प्रत्याशियों को डर सता रहा है कि कहीं पब्लिक चेहरा देख कर ही न बाहर का रास्ता दिखा दे /
मै सोचता हूँ कि क्या मतलब ऐसी राजनीति का जिसमे काम से ज्यादा चेहरा मायने रखता हो ?होर्डिंग ,या पोस्टर के जरिये अपने आपको अपने वोटरों के सामने प्रस्तुत करने का यह तरीका हमारे निकम्मेपन को ही दर्शाता है / विधान सभा या सांसदी के चुनाव में तो पोस्टर होर्डिंग का मतलब समझ आता है ,क्योंकि इन चुनाओं में छेत्र बड़ा होता है ,पर सभासदी में यदि आपको लोग पोस्टर या होर्डिंग से जाने तो मान लीजिये कि आप ही चुनाव हार रहे हैं /
आज की बात बताऊँ ,सभासदी के एक संभावित उमीदवार जिनका मानना था कि पार्षदी के चुनाओं में होर्डिंग पोस्टर का कोई मतलब नहीं होता ,आज दिन -दहाड़े अपनी होर्डिंग लगवाते हमें दिख गए ,मैंने कहा अरे भाई ये सब क्या है ?कहने लगे भाई पब्लिक कह रही है कि सब दिख रहे हैं सिवाय आपके /बताओ मरता क्या न करता ?जहाँ तक मै जान सका हूँ राजनीति का मतलब जनसेवा होता है /जिसके मन वचन कर्म से हमें यह आभास हो कि जाये, कि यह व्यक्ति सबका भला चाहता है, वही हमारे जनप्रतिनिधि के पद का सच्चा अधिकारी है /पर होर्डिंग में लटक जाने से कौन सी जनसेवा होती है मेरी तो समझ से बाहर है/आपकी समझ में क्या है? बता सको तो बताओ /
Thursday, December 30, 2010
Wednesday, December 29, 2010
Raja Hone Ka Matlab-
सुशील अवस्थी "राजन"- उत्तर प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री अपने पैर छूने वाले हर व्यक्ति को आशीर्वाद देते हैं कि राजा होई जाव/पर आदरणीय मंत्री जी से कोई पूंछे तो कि कौन सा राजा /वह राजा जो अपनी और अपनी पार्टी की राजनीति चमकाने के लिए देश के लिए शहीद हुए एक शहीद का बार -बार अपमान कर रहा है /या वह राजा जो हिंदुस्तान की गरीब जनता के अरबों रूपये डकारने के आरोपों का सामना कर रहा है /मंत्री जी भारत आजाद है,आजाद है देश तो काहे का राजा,राजा का हमने बजा दिया बाजा/क्या कोई भूला है कि यू. पी.के एक राजा की आप की ही पार्टी की मुखिया ने क्या हालत कर दी थी /उन्ही के गढ में कैसे उनका प्रताप गुल हुआ था /आजकल फिर उन राजा साहब की प्रजा परेशान है /राजाओं का समय ठीक नहीं चल रहा है, सो हे मंत्री महोदय यह आशीर्वाद रूपी श्राप देना बंद कर दीजिये /आप असली राजा हैं जिसके नाम में तो राजा शब्द नहीं है ,पर आनंद राजाओं से कुछ कम भी नहीं है /राजा बनने का मतलब मुसीबत मोल लेना भर रह गया है /
मंत्री जी,प्रजातंत्र में ताकत राजाओं के पास नहीं,बल्कि राजाओं के राजा के पास है /इन जितने राजाओं का जिक्र मैंने किया ये सब नाम के राजा हैं ,काम के नहीं /वह राजा जो देश के शहीद का बार -बार अपमान कर रहा है ,क्या वह अपनीं मर्जी से कर रहा है? उस राजा के, राजा की रानी, और युवराज का मन प्रसन्न हो, यह मंशा है अपने बेचारे राजा की /दुसरे राजा जी भी देश के दुश्मन घोषित हुए तो सिर्फ इस विश्वास में कि उनका राजा उनसे प्रसन्न होगा /तीसरे राजा तो सिर्फ राजा बनने के चक्कर मे ही बार बार भैया बनाये जा रहे हैं /आदरणीय मंत्री महोदय असली राजा यानी जनता इन सभी राजाओं की कारगुजारियों पर निगाह बनाये है ,उसका जो ख्याल रखेगा वही राजा बना रह सकेगा /क्योंकि जनता राजा और रंक बनाने में ज्यादा वक्त नहीं लगाती है /उत्तर प्रदेश के राजाओं को करीब १८ माह बाद ही असली राजाओं के सामने जाना है,निगाह मिला सको मालिक से ऐसा क्या किया है ,लिख लो डायरी में क्योंकि यह पब्लिक है ...सब जानती है /
मंत्री जी,प्रजातंत्र में ताकत राजाओं के पास नहीं,बल्कि राजाओं के राजा के पास है /इन जितने राजाओं का जिक्र मैंने किया ये सब नाम के राजा हैं ,काम के नहीं /वह राजा जो देश के शहीद का बार -बार अपमान कर रहा है ,क्या वह अपनीं मर्जी से कर रहा है? उस राजा के, राजा की रानी, और युवराज का मन प्रसन्न हो, यह मंशा है अपने बेचारे राजा की /दुसरे राजा जी भी देश के दुश्मन घोषित हुए तो सिर्फ इस विश्वास में कि उनका राजा उनसे प्रसन्न होगा /तीसरे राजा तो सिर्फ राजा बनने के चक्कर मे ही बार बार भैया बनाये जा रहे हैं /आदरणीय मंत्री महोदय असली राजा यानी जनता इन सभी राजाओं की कारगुजारियों पर निगाह बनाये है ,उसका जो ख्याल रखेगा वही राजा बना रह सकेगा /क्योंकि जनता राजा और रंक बनाने में ज्यादा वक्त नहीं लगाती है /उत्तर प्रदेश के राजाओं को करीब १८ माह बाद ही असली राजाओं के सामने जाना है,निगाह मिला सको मालिक से ऐसा क्या किया है ,लिख लो डायरी में क्योंकि यह पब्लिक है ...सब जानती है /
Monday, December 27, 2010
UP Me Bihar Wala Parivartan-
सुशील अवस्थी राजन -उत्तर प्रदेश में भी बिहार के परिवर्तन की छाया दिखने लगी है /वैसे तो नितीश स्टाइल की चर्चा सारे देश में हो रही है ,लेकिन यू.पी. की मुख्यमंत्री मायावती पर बिहार के चुनाव परिणामों ने बड़ा गहरा असर छोड़ा है /आजकल माया सबकुछ बदल डालूँगी वाले मूड में दिख रहीं हैं / कानून का राज है,यह दिखाने के लिए फिर उसी पुराने बकरे राजा भैया को हलाल करने का नाटक प्रारंभ हो चुका है /हाँ कुछ सच्चाई दिखे इसके लिए अपने भी कुछ न सुधरने की कसम खा चुके लोगों को जेल की राह दिखाई जा रही है /गुड्डू पंडित उसी का उदाहरण हैं /फरवरी से माया का उड़नखटोला फिर यूपी के जिलों की खाक छानेगा /पर क्या लोगों के जेहन में यह सवाल नहीं गूंजेगा कि यह सब इतना बाद में क्यूँ ?पार्कों, मूर्तियों की राजनीति क्या बिलकुल काम ना देगी क्या ?
माया जनता की नब्ज को भलीं-भांति भांप लेती हैं /वह जान चुकी हैं कि अगले चुनाओं में क्या चलने वाला है /जिस तरह माया सरकार अभी तक चली है उसके दम पर तो ५० विधायक जिता कर ला पाना भी कठिन है / इस लिए माया ऐलान करतीं हैं कि अब विधायकों ,सांसदों के रिश्तेदारों को टिकट नहीं दिया जायेगा /राजधानी से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में परिवारवाद का जो बोलबाला इस सरकार के शासन में चला उसका उदाहरण अन्य कहीं मिलना सर्वथा दुर्लभ है /उन्नाव से राज्य सभा सदस्य ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक महिला आयोग में उपाध्यक्ष हैं ,तो साले गुड्डू त्रिपाठी mlc .आम कायकर्ता ठगा सा महसूस कर रहा है /शेष फिर -
माया जनता की नब्ज को भलीं-भांति भांप लेती हैं /वह जान चुकी हैं कि अगले चुनाओं में क्या चलने वाला है /जिस तरह माया सरकार अभी तक चली है उसके दम पर तो ५० विधायक जिता कर ला पाना भी कठिन है / इस लिए माया ऐलान करतीं हैं कि अब विधायकों ,सांसदों के रिश्तेदारों को टिकट नहीं दिया जायेगा /राजधानी से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में परिवारवाद का जो बोलबाला इस सरकार के शासन में चला उसका उदाहरण अन्य कहीं मिलना सर्वथा दुर्लभ है /उन्नाव से राज्य सभा सदस्य ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक महिला आयोग में उपाध्यक्ष हैं ,तो साले गुड्डू त्रिपाठी mlc .आम कायकर्ता ठगा सा महसूस कर रहा है /शेष फिर -
Sunday, December 26, 2010
25th vishal dangal-
लखनऊ,स्वर्गीय जयकरण पहलवान ,स्वर्गीय उस्मान खान एवं स्वर्गीय संतकंवर जीत सिंह स्मारक समाज कल्याण समिति द्वारा २५वां विशाल दंगल समर विहार कालोनी,में धूमधाम से संपन्न हुआ /देश व प्रदेश के नामी गिरामी पहलवानों की धमक भरी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा में चार -चाँद लगा दिए /३७ जोरदार मुकाबलों की चर्चा आम लोगों की जुबान पर कायम है/सबसे बड़ी कुश्ती बनारस के राम प्रवेश और भीम यादव संत कबीर नगर की बीच हुई /जो कि बराबरी पर छुटी,जिसकी इनामी राशि दोनों में बराबर वितरित कर दी गयी /इस अवसर पर सांसद उन्नाव अनु टंडन की मौजूदगी उल्लेखनीय रही /सांसद का स्वागत कांग्रेसी नेता व् के.के.सी. के पूर्व अध्यक्ष राजेश शुक्ल ने किया /सांसद उन्नाव ने इस आयोजन को राष्ट्रीय एकता की बड़ी मिशाल बताया और ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर बल दिया /राजेश शुक्ल जी की उपस्थिति की चर्चा करते हुए कार्यक्रम के संयोजक डा.देशदीपक पाल ने कहा कि श्री शुक्ल का सहयोग कार्यक्रम को लम्बे समय से मिल रहा है /मेयर डा. दिनेश शर्मा ने लखनऊ नगर निगम द्वारा एक स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की /उक्त अवसर पर स्थानीय निवासियों की भारी भीड़ मौजूद रही /रिपोर्ट- सुशील अवस्थी "राजन"/जुहेर तुराबी
Friday, December 24, 2010
janleva kuretiyan-
सुशील अवस्थी "राजन"जानलेवा कुरीतियाँ हमारे समाज में आज भी विद्यमान हैं,इनसे बचने की जरुरत है /१३ दिसंबर को हमारी चाची जी का स्वर्गवास हो जाने के बाद मै अपनी पत्नी के साथ अपने गाँव कसरावां गया /मैं यहीं का रहनेवाला हूँ ,पिछले कई सालों से लखनऊ में रह रहा हूँ /कसरावां रायबरेली जनपद में पड़ता है /रायबरेली का यू पी में इस लिए भी विशेष स्थान है क्योंकि सोनियां गाँधी यहाँ से सांसद हैं /ठण्ड के इस मौसम में मेरी पत्नी सोनी अवस्थी को गाँव के बाहर एक सुनसान स्थान पर नाऊन वा गाँव घर की कुछ औरतों के साथ प्रतिदिन दो बार सुबह और शाम स्नान के लिए जाना पड़ता था /मैंने कई दिनों तक मना किया कि एक बार में भी काम हो सकता है फिर दो बार जाने कि (वह भी सिर्फ एक कपडे में) क्या जरुरत है / लोकलाज और यह सोचकर कि लोग क्या कहेंगे ?मेरी पत्नी जातीं रहीं और अंततः बीमार भी पड़ गयीं हैं / मैं यह सोंच रहा हूँ कि क्या यह सब करने का कोई मतलब है ?यदि नहीं ,तो फिर हम और आप ऐसी बेवजह की जानलेवा कुरीतियों का बहिष्कार क्यों नहीं कर पाते हैं ?मै आज रात ८ बजे लखनऊ आया हूँ ,किसी अच्छे डाक्टर को दिखा कर पत्नी का इलाज कराने का विचार लेकर सोने जा रहा हूँ /पर आप बताइए कि हम लोग कब तक बेवजह के काम करते रहेंगे ?
Saturday, December 18, 2010
UMA BHARTI KI VAPSE K MAYNE -
लखनऊ ,१८ दिसम्बर ,अडवाणी के ब्लॉग पर उमा वापसी की वाणी गूंजने के बाद ,आज उमा उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में थीं /हालाँकि यह उनका अंदाज़ा लगाओ दौरा ही कहलायेगा ,क्योंकि अभी उनके भाजपा से जुडनें की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है /भाजपा का कोई जाना- माना चेहरा उनके इस दौरे में उनके साथ नहीं था /वे संघ के लोगों से मिलीं ,और राहुल गाँधी पर निशाना साध कर विदा हो लीं /राहुल को भारती ने सलाह दी कि दिग्विजय की सलाह से काम ना करें /हाँ मै उन्हें राजनीतिक ज्ञान दे सकती हूँ यदि वे चाहें तो /उनको राजनीतिक शिच्छा की जरुरत है /उत्तर प्रदेश के नेताओं में उनके आगमन की खबर से फ़ैल रही बेचैनी का भी निदान करने की उन्होंने कोशिश यह कहकर की कि मैं यहाँ मुख्यमंत्री बनने नहीं आयी हूँ और ना ही मै यहाँ से विधायकी लडूंगी / लडूंगी तो सांसदी लडूंगी / लखनऊ से भाजपा मेयर डॉ. दिनेश शर्मा ने उमा वापसी को भाजपा की ताकत में वृद्धि का प्रतीक माना ,कहा कि उमा जी बहुत बड़ी नेता हैं /उनके आने से महिलाओं,युवाओं ,व पिछड़ों ,में भाजपा की स्वीकार्यता बढ़ेगी /लेकिन यह पूछने पर कि क्या आप मानते हैं कि अगले विधान सभा चुनाओं में यू .पी .की जनता जाति-पाति के ही आधार पर वोट करेगी /श्री शर्मा ने कहा नहीं विकास का मुद्दा ही मुख्य मुद्दा होगा /फिर भी पूरी तरह नहीं, जाति का कुछ ना कुछ असर काम करेगा / उमा के साथ सुबह से चल रहे भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व नगर अध्यक्ष अभिजात मिश्र उत्साहित थे ,कहा कि युवा व हिन्दुत्ववादी सोंच की नेता के साथ रहने में अच्छा लगा /प्रदेश कार्य समिति सदस्य प्रमोद बाजपेई ने कहा भाजपा को लाभ होगा पर कितना इसके लिए इंतजार करना होगा /शहर की प्रतिष्ठित विधान सभा सीट पश्चिम से उपचुनाव में भाजपा को पटखनी देनें वाले कांग्रेसी विधायक श्याम किशोर शुक्ल ने राहुल के लिए उमा द्वारा इस्तेमाल की गयी शैली की आलोचना की ,और कहा कि पहले वे अपने गुरु का नाम बताएं फिर राहुल गाँधी के गुरु की चर्चा करें /नगर के बजरंगबली वार्ड से सभासद संजय मिश्र का कहना है कि भाजपा अपना फायदा बाद में सोंचे उमा के आने से यू .पी .में हो रहा नुक्सान रुक जायेगा / महाकवी जयशंकर प्रसाद वार्ड के सभासद सुरेश अवस्थी कहते हैं कि फायदा होगा सिर्फ फायदा /कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि बिहार में विकास का गुणगान करने वाली भाजपा यू .पी में जाति वाद के भरोसे है /हिंदुत्व आजमाने के चक्कर में लगी भाजपा महिला समर्थक भी दिखना चाह रही है /पर जनता क्या सोंच रही है इसका तो इंतजार करना पड़ेगा / रिपोर्ट -सुशील अवस्थी "राजन"/सिद्धार्थ DIXIT
Friday, December 17, 2010
baba re baba RAHUL BABA-
सुशील अवस्थी "राजन" राहुल गांधी को मै तो नेता नहीं मानता,आप भी एक बार सोचिये और बताइए कि क्या आप राहुल को नेता मानते हैं ?राहुल के नाम का कोई मतलब नहीं रह जाता यदि उनके नाम के आखिर से गांधी हटा दीजिये /राहुल जो भी हैं वह सिर्फ इस गांधी की वजह से /मै मानता हूँ कि देश का अधिकांश नागरिक राहुल को राजीव गांधी के सुपुत्र के ही रूप में स्वीकार करता है /वह सुपुत्र जो कि पूर्व प्रधानमंत्री व एक राजनैतिक परिवार का वारिस है, और जो मधुर -मधुर बातें करता था /वह बातें जो घाघ राजनीतिक करतें हैं वह न कर ,एक नई राजनीतिक परिपाटी गढ़ने वाली बातें /यकीन मानिये ये बातें अच्छी लगतीं थी, और बहुत अच्छी लगती थी / गरीबों की बातें,गांवों की बातें ,इंडिया और भारत की बातें /हमनें भी इस अच्छे बच्चे की बातों को अच्छा परिणाम दिया /उत्तर प्रदेश के २००९ के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को उसकी औकात और कार्यों से ज्यादा सीटें प्रदान की /बस माँ का लाडला यहीं से समझ बैठा कि वह इस देश का बहुत बड़ा नेता है /अब वह कुछ भी कह सकता है ,लोग उसको परिपक्व नेता मान चुके हैं / ऐसा कुछ भी नहीं है, ये बात बिहार विधान सभा चुनावों के परिणाम स्पष्ट कर रहें हैं /अब से पहले तक देश राहुल बाबा को काबिल मान रहा था लेकिन अब खुद राहुल बाबा... /संघ सिमी एक जैसे हैं /इस एक बात ने राहुल की छवी को बदल कर रख दिया /मैं यहाँ इस बात पर चर्चा नहीं कर रहा हूँ कि सच क्या है ,चर्चा यह करना चाहता हूँ कि आम आदमी मानता क्या है ,और राहुल बाबा बेवजह लोगों को मनवाना क्या चाहतें हैं /आम आदमी यह तो मान सकता है कि कभी -कभी संघ ने इस देश में हिंसा को बढ़ावा दिया ,लेकिन राष्ट्र निर्माण के कार्य भी किये /ऐसे कार्य जो सिर्फ राष्ट्र निर्माण के भाव के आभाव में हो ही नहीं सकते थे /उस संगठन की तुलना सिमी जैसे विघटन कारी संगठन से सर्वथा गलत है /विकीलीक्स का नया खुलासा तो और भी विस्मयकारी है /ये क्या हो गया बाबा /क्या आप ने दिग्विजय बाबू को अपना राजनीतिक गुरु बना लिया क्या /हम सब आपको भारत का प्रधान मंत्री बनते हुए देखना चाहतें हैं उसके पहले न बिखर जाना बाबा /
Thursday, December 16, 2010
china aur bharat-2
सुशील अवस्थी "राजन";-
'अमेरिका के साथ हुए परमाणु समझौते के बाद चीन यह समझ चुका है कि भारत को कहीं उसके खिलाफ इस्तेमाल न कर लिया जाय /उसके बाद से उसे हमारी जरुरत ज्यादा है /चीन को चीन पश्चिमी देशों के सहयोग ने बनाया है /यदि यही सहयोग भारत को मिल गया तो भारत चीन को आसानी से पछाड़ सकता है /भारत का बेदाग परमाणु रिकार्ड और परिपक्व लोकतंत्र सारी दुनिया को अपनी तरफ आकर्षित करता है /हमारी सशक्त अर्थ व्यवस्था सभी को हमसे जुड़ने के लिए बाध्य कर रही है /फिर भले ही वह हमसे लगाव रखता हो या नहीं /वास्तव में चीन दुनिया के किसी भी देश से इतना सशंकित नहीं रहता जितना कि भारत से /भारत के लोकतंत्र का चीन भी अव्यक्त समर्थक है /भगवान् बुद्ध की कर्मस्थली भारत से आम चीनी आध्यात्मिक भाव से जुडा है /आर्थिक प्रतिस्पर्धा चीन को भविष्य में सिर्फ भारत से ही मिलनी है यह बात सारी दुनिया जानती है /चीन के अपने हर पडोसी से सीमा विवाद हैं /लामबंदी का खेल भारत अगर खेलना शुरू कर दे तो चीन परेशान हो उठेगा /जबकि भारत पाकिस्तान को झेल और बर्दास्त कर सकता है /भगवान् बुद्ध के अनुयायी दलाई लामा भारत में ही हैं ,चीन इसबात को कायदे से समझ रहा है /हम आज की तारीख में चीन से किसी भी हाल में कमजोर स्थिति में नहीं हैं /बस हमें अपनी ताकत और कमजोरियों को कायदे से समझ कर अपने शक्तिशाली पड़ोसी से व्यवहार तय करने की जरुरत है / शेष अगले अंक में -
'अमेरिका के साथ हुए परमाणु समझौते के बाद चीन यह समझ चुका है कि भारत को कहीं उसके खिलाफ इस्तेमाल न कर लिया जाय /उसके बाद से उसे हमारी जरुरत ज्यादा है /चीन को चीन पश्चिमी देशों के सहयोग ने बनाया है /यदि यही सहयोग भारत को मिल गया तो भारत चीन को आसानी से पछाड़ सकता है /भारत का बेदाग परमाणु रिकार्ड और परिपक्व लोकतंत्र सारी दुनिया को अपनी तरफ आकर्षित करता है /हमारी सशक्त अर्थ व्यवस्था सभी को हमसे जुड़ने के लिए बाध्य कर रही है /फिर भले ही वह हमसे लगाव रखता हो या नहीं /वास्तव में चीन दुनिया के किसी भी देश से इतना सशंकित नहीं रहता जितना कि भारत से /भारत के लोकतंत्र का चीन भी अव्यक्त समर्थक है /भगवान् बुद्ध की कर्मस्थली भारत से आम चीनी आध्यात्मिक भाव से जुडा है /आर्थिक प्रतिस्पर्धा चीन को भविष्य में सिर्फ भारत से ही मिलनी है यह बात सारी दुनिया जानती है /चीन के अपने हर पडोसी से सीमा विवाद हैं /लामबंदी का खेल भारत अगर खेलना शुरू कर दे तो चीन परेशान हो उठेगा /जबकि भारत पाकिस्तान को झेल और बर्दास्त कर सकता है /भगवान् बुद्ध के अनुयायी दलाई लामा भारत में ही हैं ,चीन इसबात को कायदे से समझ रहा है /हम आज की तारीख में चीन से किसी भी हाल में कमजोर स्थिति में नहीं हैं /बस हमें अपनी ताकत और कमजोरियों को कायदे से समझ कर अपने शक्तिशाली पड़ोसी से व्यवहार तय करने की जरुरत है / शेष अगले अंक में -
Wednesday, December 15, 2010
china aur bharat -
(सुशील अवस्थी "राजन");- चीनी प्रधानमंत्री वेन जिया बाओ कि आगामी भारत यात्रा का इंतजार सिर्फ भारत और चीन के लोग ही नहीं कर रहे, बल्कि सारी दुनिया की निगाहें इस यात्रा के निहितार्थ तलाश रही हैं /कहा जा सकता है कि चीनी प्रधानमंत्री की यात्रा हमारे लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा की यात्रा से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण है /चीनी प्रधानमंत्री की यह यात्रा भविष्य की दो महाशक्तियों के आपसी बर्ताव तय करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है /दुनिया के आर्थिक हालात पर निगाह रखने वाले मूर्धन्य विद्वानों का अभिमत है कि चीन और भारत भविष्य की आर्थिक ताकतें हैं /पड़ोसी मुल्क होने के नाते दोनों में कई मुद्दों को लेकर आपसी विरोधाभास हैं /लेकिन दोनों देशों में आपस में बढ़ रहा व्यापार किसी भी अनहोनी को टालने में समर्थ है /आपसी समस्याओं को हल करने के लिए हम पाकिस्तान से भी इसी प्रकार के तरीके को अपनाने की गुजारिश करते रहते हैं /यह बात पाक को अपने गुरु चीन से सीखनी चाहिए /जब तिजारत बढ़ती है तो वह अपने साथ कई अनसुलझी समस्याओं को भी हल कर देती है /शायद यह बात चीन -भारत ठीक तरह से समझ रहें हैं /लेकिन इन सबका कतई यह मतलब नहीं कि आज सामने दिख रही चुनौतियों का दोनों तरफ से कोई जिक्र नहीं होगा /लेकिन हमारे जिक्र में जिद कम समझदारी ज्यादा दिखेगी /चीन भारत को अब १९६२ वाले भारत की निगाह से देखने की गलती नहीं कर सकता /अगर चीन की बढ़ती ताकत का अहसास हमें है तो फिर भला ऐसा कैसे हो सकता कि हमारी बढ़ती ताकत का भान उसे न हो /वह कायदे से जानता है कि एशिया में, पश्चिमी देश, लोकतान्त्रिक भारत को अपना स्वाभविक मित्र मानते हैं /शेष अगले अंक में-.......
Monday, December 13, 2010
UBHARTA BHARAT -3
(सुशील अवस्थी "राजन")- नितीश कुमार के बिहार से प्रारंभ हुआ भारत निर्माण अब उत्तर प्रदेश की सर जमी तक पहुँच रहा है /यू.पी और बिहार बहुत समानताएं हैं /दोनों प्रदेशों में एक जैसे राजनीतिक हालात और सम्भावना है कि २०१२ में पटना वाले परिवर्तन लखनऊ में भी देखने को मिल सकतें है /माया को कुछ बहुत बिहार के संकेत मिलने लगे हैं /तभी तो बहिन जी ने घोषणा कर दी कि फरवरी से वह खुद विकास कार्यों का सत्यापन करने हर जिले तक जा सकतीं है /माया -मुलायम घोर जातिवादी राजनीति की पैदाएश हैं /यदि इन्हें यह एहसास हो जाय कि अब विकास कि बात करना ही लाभदायक है तो समझ लो कि बिहार के साथ यू .पी . का भी उद्धार निकट है /यदि यू पी बिहार विकास में अपनी हिस्सेदारी भारत को प्रदान करनें लगें तो उभरते भारत को विकसित भारत बनने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा /बिहार में तो नितीश है जो विकास परक राजनीति के प्रतीक बन गए और लोगों ने उन्हें हांथों हाँथ लिया ,लेकिन यू पी के २०१२ के महासमर में विकास प्रतीक कौन होगा ? मायावती- जिन्होंने पूरे ५ साल सिर्फ मूर्तियों पार्कों का विकास किया /मुलायम -जिनके कार्यकर्ता उनके सी ऍम बनते ही उद्दंड हो जाते हैं /या फिर रीता जोशी जो हमेशा जोश में होश को तिलांजली देती रहतीं हैं /भाजपा में तो कोई दिख ही नहीं रहा है जिसका नाम लिखा जा सके / हो सकता है राजनाथ को अंतिम समय विकास पुरुष बनाने की कोशिश भाजपा करे /पर विकास का कोई ऐसा कार्य राजनाथ के भी खाते में नहीं है जिसके दम पर वह विकास पुरुष कहे जा सकें /
Sunday, December 12, 2010
digvijay singh ka pralap-
(सुशील अवस्थी "राजन")- उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी दिग्विजय सिंह विवादास्पद बयानों के लिए कुख्यात होते जा रहे हैं /आजमगढ़ का संजरपुर गाँव ,बाटला हाउस मुठभेड़ ,और अब यह कि हेमंत करकरे ने दिग्विजय सिंह को अपनी शहादत से दो घंटे पहले बताया था कि हिन्दू आतंकवादियों से उन्हें जान का खतरा था /श्री सिंह की रामकहानी से खुद उनकी पार्टी कांग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया /फिर क्यों दिग्विजय ऐसी कहानियों का निर्माण जारी रखे हुए है जिस पर खुद उनके लोग भरोसा नहीं करते /राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि दिग्विजय सिंह पुराने नेता है उनकी कोई बात बेवजह नहीं हो सकती /यदि उनकी बात बेवजह नहीं हो सकती तो यहाँ उनकी बात का सिर्फ और सिर्फ एक ही मतलब हो सकता है और वह यह कि , वजह बेवजह संघ व उससे जुड़े संघटनों को गरियाते रहने से देश का मुसल्मान उन्हें और उनकी पार्टी को अपना असली रहनुमा मान लेगा /फिर तो कहना होगा कि मुसलमानों के बारे में इतनी ओछी सोंच रखने वाले को तो उनकी नफरत भी नहीं नसीब होगी /मुसलमान सब समझ रहा है /किसके काम उसे बदनामी दे रहे हैं वह सब समझ रहा है /हेमंत करकरे को किसने शहीद किया सारी दुनिया जानती है लेकिन दिग्विजय जी जो जानते है वह सिर्फ नफरत को ही बढ़ाने का काम करेगा /पाकिस्तान जो इतने डोजियर सौपे जाने के बाद यह मानने में आना कानी कर रहा है कि २६/११ में उसका हाँथ है /दिग्विजय जी का बयान किसको मदद phuncha रहा है ?विचार करने की जरुरत है /सारा देश इस पर विचार करेगा /
Friday, December 10, 2010
UBHARTA BHARAT AUR HAM -2
(सुशील अवस्थी "राजन");-भारतीय समाज में व्याप्त नफरत और वैमनस्यता ने हमें खूब नीचा दिखाया ,पर आज हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इतिहास अपने आप को दुहरा न सके / जो गलतियाँ पहले हुई अब न होने पायें /जातिवाद, धर्मवाद,छेत्रवाद ,हमारे राष्ट्रवाद की जड़ों को ना उखाड़ सके तो यही हमारी बड़ी उपलब्धि होगी /यही आशा हमें मजबूत होती दिखी बिहार विधान सभा चुनावों के परिणामों में / बिहार पिछड़े पन का अंतर्राष्ट्रीय प्रतीक बन चुका था /जातिवाद की घ्रणित राजनीति की प्रयोगशाला था अपना बिहार / लेकिन नीतीश कुमार की जनहितकारी राजनीति ने स्पस्ट संकेत दिए, कि हम भारत के लोग अपनी सही दिशा जान चुके हैं /दुनिया के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत के लोग अब जान चुके हैं कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान सिर्फ और सिर्फ लोकतंत्र में ही निहित है / यह भी सच है कि हमारा लोकतंत्र अभी भी तमाम असाध्य बीमारियों से ग्रस्त है ,फिर भी हम कह सकते है कि लाख बुराइयों के बावजूद इस धरती पर लोकतंत्र से बेहतर शासन प्रणाली कोइ दूसरी नहीं है /हम भारत के लोग अपनी लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर गर्व करते है / अव्यवस्था से छुटकारा पाने के लिए हमें वोट की कीमत को समझना चाहिए और लोगों को समझाना चाहिये / बिहार के लोगों ने सारी दुनिया को दिखा दिया कि लोकतंत्र क्या कर सकता है /बिहार में इतने बड़े पैमाने हुआ परिवर्तन क्या लोकतंत्र के सिवा किसी दुसरी व्यवस्था से किया जाना संभव था ?वह भी बगैर किसी खून खराबे के / शेष अगले अंक में ----
civil court me maut
लखनऊ ,१० दिसम्बर ;सिविल कोर्ट में उस समय अफरा -तफरी मच गयी जब एक महिला तीसरी मंजिल से नीचे आ गिरी /महिला की घटना स्थल पर ही मौत हो गयी /बाद में मालुम हो सका की महिला औरास ,उन्नाव की रहने वाली थी /मृतका गंगाजली (४५) के पिता व भाई दोनों जेल में है / उन्ही की पैरवी के लिए गंगाजली लखनऊ आयी थी /रिपोर्ट -सुशील अवस्थी "राजन" / अजातशत् मिश्रु
Thursday, December 9, 2010
UP KA KHADYAN GOTALA
लखनऊ ,८ दिसंबर ; खाद्यान घोटाले पर राज्य सरकार ने कहा कि यह घोटाला ज्यादा बड़ा नहीं है / सूचना सचिव विजय शंकर पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार २००४ से २००५ के बीच हुए इस घोटाले की जाँच में सी बी आई की पूरी मदद करेगी /दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जायेगा / श्री पाण्डेय एक प्रेस वार्ता में बोल रहे थे / रिपोर्ट -सुशील अवस्थी राजन /सर्वेश पाण्डेय
Wednesday, December 8, 2010
UBHARTA BHARAT AUR HAM
(सुशील अवस्थी "राजन")-;भारत यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ओबामा का यह बयान हम सबको अन्दर तक आह्लादित कर गया कि भारत एक उभरता हुआ देश नहीं बल्कि यह पूरी तरह उभर चुका है /जानकार कहते है कि यह एक कूटनीतिक बयान था जिसका वास्तविकता से नाता स्थापित करना थोडा मुश्किल कार्य है /ओबामा हमारे यहाँ अपने नागरिको के लिए नौकरियां बटोरने आये थे सो हम भारतीयों को प्रसन्न करने के लिए ऐसा कहा /हर कोइ सिर्फ उसी की प्रसन्नता या नाराजगी का ख्याल रखता है जो शक्तिशाली हो ,कमजोर की प्रसन्नता क्या नाराजगी क्या ? इस आधार पर भी देखा जाय तो कहा जा सकता है कि ओबामा ने सही ही कहा था /फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी का भी अभिप्राय वही है जो अमेरिकी राष्ट्रपति का था /ब्रिटेन के प्रधानमंत्री भी कुछ दिन पहले भारत गुणगान कर चके थे /रूस और चीन के प्रमुख इससे कुछ अलग बोल जायेंगे ऐसा लगता नहीं है /कहने का अभिप्राय यह है कि भारत शक्तिशाली हुआ है इसमे कोइ शक नहीं पर कितना यह विचार करने का विषय हो सकता है /भारत की आर्थिक तरक्की ने दुनिया का ध्यान खींचा है /पर हम पहली बार संपन्न बनने जा रहे हैं ऐसा भी नहीं है /दुनिया हमें सोने की चिड़िया की उपाधि पहले दे चकी है /पर उस चिड़िया के पर नोचने की कोशिशें भी दुनिया ने खूब की /सब हमें लुटने ही आये ,और लुटा भी /हम लूटे भी /पर कोइ अपनी ताकत के बल पर हमें लुटता रहा यह भी सच नहीं है /हम लूटे और पिटे तो अपनी कमजोरियों के कारन /शेष अगले अंक में-
varanasi visfot mamla-
लखनऊ ,भारतीय जनता पार्टी ,नगर के कार्यकर्ताओं ने कल वाराणसी में हुए विस्फोट के विरोध में नगर अध्यक्ष नीरज गुप्ता के नेतृत्व में एक मार्च निकाला/ मार्च भाजपा मुख्यालय से निकलकर शहीद स्मारक तक गया /नगर अध्यक्ष ने कहा कांग्रेस की तुस्टीकरण नीति व प्रदेश सरकार के कानून व्यवस्था के प्रति उपेक्षा पूर्ण रवैये का परिणाम है वाराणसी धमाका /इस अवसर पर भाजपा कार्यसमिति सदस्य प्रमोद बाजपेई ,लखनऊ पश्चिम से भाजपा प्रत्याशी रहे अमित पूरी ,अभिजात मिश्र ,सुरेश अवस्थी पार्षद महाकवि जयशंकर प्रसाद वार्ड ,संजय मिश्र पार्षद बजरंग बली वार्ड ,लता उपाध्याय पार्षद राजाजीपुरम वार्ड प्रमुख रूप से उपस्थित रहे /रिपोर्ट - सुशील अवस्थी राजन /विनीत यादव
varanasi visfot mamla-
लखनऊ ,८ दिसम्बर ;कल वाराणसी में हुए विस्फोट मामले में ऐ डी जी कानून व्यवस्था ब्रजलाल ने प्रेस वार्ता की ,कहा अभी नहीं कहा जा सकता की धमाको के पीछे कौन है /घटना स्थल पर अभी कोए अहम् सुराग नहीं मिला है /जाँच को वाराणसी पुलिस से लेकर ए टी एस को सौप दिया गया है /रिपोर्ट सुशील अवस्थी "राजन"
Wednesday, December 1, 2010
2012 par nigah
२०१२ पर सभी पार्टियों की निगाह -मायावती ने आज अपने सरकारी आवास पर अपने सभी विधायको को २०१२ के चुनावों के लिए तैयार करने का काम शुरू कर दिया /बहिन जी ने सभी को बताया की अगले चुनाव में पार्टी परिवारवाद से दूर रहेगी,किसी विधायक या सांसद के परिवारी जन को नहीं मलेगा टिकट /बल्कि पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओ को आगे लाने का काम किया जायेगा /इस अवसर पर सदस्य विधान परिषद् अरविन्द त्रिपाठी "गुड्डू" भी उपस्थित रहे /रिपोर्ट -सुशील अवस्थी "राजन"
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