सुशील अवस्थी "राजन"- उत्तर प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री अपने पैर छूने वाले हर व्यक्ति को आशीर्वाद देते हैं कि राजा होई जाव/पर आदरणीय मंत्री जी से कोई पूंछे तो कि कौन सा राजा /वह राजा जो अपनी और अपनी पार्टी की राजनीति चमकाने के लिए देश के लिए शहीद हुए एक शहीद का बार -बार अपमान कर रहा है /या वह राजा जो हिंदुस्तान की गरीब जनता के अरबों रूपये डकारने के आरोपों का सामना कर रहा है /मंत्री जी भारत आजाद है,आजाद है देश तो काहे का राजा,राजा का हमने बजा दिया बाजा/क्या कोई भूला है कि यू. पी.के एक राजा की आप की ही पार्टी की मुखिया ने क्या हालत कर दी थी /उन्ही के गढ में कैसे उनका प्रताप गुल हुआ था /आजकल फिर उन राजा साहब की प्रजा परेशान है /राजाओं का समय ठीक नहीं चल रहा है, सो हे मंत्री महोदय यह आशीर्वाद रूपी श्राप देना बंद कर दीजिये /आप असली राजा हैं जिसके नाम में तो राजा शब्द नहीं है ,पर आनंद राजाओं से कुछ कम भी नहीं है /राजा बनने का मतलब मुसीबत मोल लेना भर रह गया है /
मंत्री जी,प्रजातंत्र में ताकत राजाओं के पास नहीं,बल्कि राजाओं के राजा के पास है /इन जितने राजाओं का जिक्र मैंने किया ये सब नाम के राजा हैं ,काम के नहीं /वह राजा जो देश के शहीद का बार -बार अपमान कर रहा है ,क्या वह अपनीं मर्जी से कर रहा है? उस राजा के, राजा की रानी, और युवराज का मन प्रसन्न हो, यह मंशा है अपने बेचारे राजा की /दुसरे राजा जी भी देश के दुश्मन घोषित हुए तो सिर्फ इस विश्वास में कि उनका राजा उनसे प्रसन्न होगा /तीसरे राजा तो सिर्फ राजा बनने के चक्कर मे ही बार बार भैया बनाये जा रहे हैं /आदरणीय मंत्री महोदय असली राजा यानी जनता इन सभी राजाओं की कारगुजारियों पर निगाह बनाये है ,उसका जो ख्याल रखेगा वही राजा बना रह सकेगा /क्योंकि जनता राजा और रंक बनाने में ज्यादा वक्त नहीं लगाती है /उत्तर प्रदेश के राजाओं को करीब १८ माह बाद ही असली राजाओं के सामने जाना है,निगाह मिला सको मालिक से ऐसा क्या किया है ,लिख लो डायरी में क्योंकि यह पब्लिक है ...सब जानती है /
loktantra me sab janta k sevak hain raja koee nahen .
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