सुशील अवस्थी राजन -उत्तर प्रदेश में भी बिहार के परिवर्तन की छाया दिखने लगी है /वैसे तो नितीश स्टाइल की चर्चा सारे देश में हो रही है ,लेकिन यू.पी. की मुख्यमंत्री मायावती पर बिहार के चुनाव परिणामों ने बड़ा गहरा असर छोड़ा है /आजकल माया सबकुछ बदल डालूँगी वाले मूड में दिख रहीं हैं / कानून का राज है,यह दिखाने के लिए फिर उसी पुराने बकरे राजा भैया को हलाल करने का नाटक प्रारंभ हो चुका है /हाँ कुछ सच्चाई दिखे इसके लिए अपने भी कुछ न सुधरने की कसम खा चुके लोगों को जेल की राह दिखाई जा रही है /गुड्डू पंडित उसी का उदाहरण हैं /फरवरी से माया का उड़नखटोला फिर यूपी के जिलों की खाक छानेगा /पर क्या लोगों के जेहन में यह सवाल नहीं गूंजेगा कि यह सब इतना बाद में क्यूँ ?पार्कों, मूर्तियों की राजनीति क्या बिलकुल काम ना देगी क्या ?
माया जनता की नब्ज को भलीं-भांति भांप लेती हैं /वह जान चुकी हैं कि अगले चुनाओं में क्या चलने वाला है /जिस तरह माया सरकार अभी तक चली है उसके दम पर तो ५० विधायक जिता कर ला पाना भी कठिन है / इस लिए माया ऐलान करतीं हैं कि अब विधायकों ,सांसदों के रिश्तेदारों को टिकट नहीं दिया जायेगा /राजधानी से लेकर पूरे उत्तर प्रदेश में परिवारवाद का जो बोलबाला इस सरकार के शासन में चला उसका उदाहरण अन्य कहीं मिलना सर्वथा दुर्लभ है /उन्नाव से राज्य सभा सदस्य ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक महिला आयोग में उपाध्यक्ष हैं ,तो साले गुड्डू त्रिपाठी mlc .आम कायकर्ता ठगा सा महसूस कर रहा है /शेष फिर -
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