Friday, December 17, 2010

baba re baba RAHUL BABA-

सुशील अवस्थी "राजन" राहुल गांधी को मै तो नेता नहीं मानता,आप भी एक बार सोचिये और बताइए कि क्या आप राहुल को नेता मानते हैं ?राहुल के नाम का कोई मतलब नहीं रह जाता यदि उनके नाम के आखिर से गांधी हटा दीजिये /राहुल जो भी हैं वह सिर्फ इस गांधी की वजह से /मै मानता हूँ कि देश का अधिकांश नागरिक राहुल को राजीव गांधी के सुपुत्र के ही रूप में स्वीकार करता है /वह सुपुत्र जो कि पूर्व प्रधानमंत्री व एक राजनैतिक परिवार का वारिस है, और जो मधुर -मधुर बातें करता था /वह बातें जो घाघ राजनीतिक करतें हैं वह न कर ,एक नई राजनीतिक परिपाटी गढ़ने वाली बातें /यकीन मानिये ये बातें अच्छी लगतीं थी, और बहुत अच्छी लगती थी / गरीबों की बातें,गांवों की बातें ,इंडिया और भारत की बातें /हमनें भी इस अच्छे बच्चे की बातों को अच्छा परिणाम दिया /उत्तर प्रदेश के २००९ के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को उसकी औकात और कार्यों से ज्यादा सीटें प्रदान की /बस माँ का लाडला यहीं से समझ बैठा कि वह इस देश का बहुत बड़ा नेता है /अब वह कुछ भी कह सकता है ,लोग उसको परिपक्व नेता मान चुके हैं / ऐसा कुछ भी नहीं है, ये बात बिहार विधान सभा चुनावों के परिणाम स्पष्ट कर रहें हैं /अब से पहले तक देश राहुल बाबा को काबिल मान रहा था लेकिन अब खुद राहुल बाबा... /संघ सिमी एक जैसे हैं /इस एक बात ने राहुल की छवी को बदल कर रख दिया /मैं यहाँ इस बात पर चर्चा नहीं कर रहा हूँ कि सच क्या है ,चर्चा यह करना चाहता हूँ कि आम आदमी मानता क्या है ,और राहुल बाबा बेवजह लोगों को मनवाना क्या चाहतें हैं /आम आदमी यह तो मान सकता है कि कभी -कभी संघ ने इस देश में हिंसा को बढ़ावा दिया ,लेकिन राष्ट्र निर्माण के कार्य भी किये /ऐसे कार्य जो सिर्फ राष्ट्र निर्माण के भाव के आभाव में हो ही नहीं सकते थे /उस संगठन की तुलना सिमी जैसे विघटन कारी संगठन से सर्वथा गलत है /विकीलीक्स का नया खुलासा तो और भी विस्मयकारी है /ये क्या हो गया बाबा /क्या आप ने दिग्विजय बाबू को अपना राजनीतिक गुरु बना लिया क्या /हम सब आपको भारत का प्रधान मंत्री बनते हुए देखना चाहतें हैं उसके पहले न बिखर जाना बाबा /

No comments:

Post a Comment