Friday, December 10, 2010
UBHARTA BHARAT AUR HAM -2
(सुशील अवस्थी "राजन");-भारतीय समाज में व्याप्त नफरत और वैमनस्यता ने हमें खूब नीचा दिखाया ,पर आज हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि इतिहास अपने आप को दुहरा न सके / जो गलतियाँ पहले हुई अब न होने पायें /जातिवाद, धर्मवाद,छेत्रवाद ,हमारे राष्ट्रवाद की जड़ों को ना उखाड़ सके तो यही हमारी बड़ी उपलब्धि होगी /यही आशा हमें मजबूत होती दिखी बिहार विधान सभा चुनावों के परिणामों में / बिहार पिछड़े पन का अंतर्राष्ट्रीय प्रतीक बन चुका था /जातिवाद की घ्रणित राजनीति की प्रयोगशाला था अपना बिहार / लेकिन नीतीश कुमार की जनहितकारी राजनीति ने स्पस्ट संकेत दिए, कि हम भारत के लोग अपनी सही दिशा जान चुके हैं /दुनिया के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत के लोग अब जान चुके हैं कि उनकी सभी समस्याओं का समाधान सिर्फ और सिर्फ लोकतंत्र में ही निहित है / यह भी सच है कि हमारा लोकतंत्र अभी भी तमाम असाध्य बीमारियों से ग्रस्त है ,फिर भी हम कह सकते है कि लाख बुराइयों के बावजूद इस धरती पर लोकतंत्र से बेहतर शासन प्रणाली कोइ दूसरी नहीं है /हम भारत के लोग अपनी लोकतान्त्रिक व्यवस्था पर गर्व करते है / अव्यवस्था से छुटकारा पाने के लिए हमें वोट की कीमत को समझना चाहिए और लोगों को समझाना चाहिये / बिहार के लोगों ने सारी दुनिया को दिखा दिया कि लोकतंत्र क्या कर सकता है /बिहार में इतने बड़े पैमाने हुआ परिवर्तन क्या लोकतंत्र के सिवा किसी दुसरी व्यवस्था से किया जाना संभव था ?वह भी बगैर किसी खून खराबे के / शेष अगले अंक में ----
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bns ke dyara kiye ja rahe bibhajan ke rajniti ke virodh ke vichar samaj ke har varg ko samajik vichar dhara se avagat krarhe he.
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