ख़त्म हुआ अन्ना का अनशन
पर सोंचो ...कि अब होगा क्या
जनता में ज्वार उठा के |
उम्मीदों का भार उठा के |
अन्ना सो न जाना |
अन्ना कहीं खो न जाना |
२६/११ पर अन्ना,
जागे थे ऐसे ही |
पर परिणाम तो सोंचो अन्ना ....
देश का दुश्मन,
जिन्दा है |
सारा भारत शर्मिंदा है
कहीं ऐसा न हो ..
अन्ना फिर सो जाये गहरी नींद,
हिन्दू होगा तो होली,
मुस्लिम... तो मनाने लगे ईद |
जागे तो मानो कोई ड्यूटी बजानी है,
अन्ना जाग रहा है ,
यह बात सबको बतानी है |
नया वादा नया इरादा
लेकर अन्ना कही आये,
जल्दी....जल्दी जागते रहो, जागते रहो चिल्लाये,
अगरबत्ती मोमबत्ती लोबान सुलगाये |
अच्छा चलो... काम हुआ पूरा,
फिर सोने चला जाय |
अब ऐसा मत करो अन्ना,
जागो-सोओ के कारन लोग तुम्हे
शार्ट टर्म मेमोरी लॉस,
कहने लगे हैं |
जागते रहो अन्ना ,
देखो सुनो और कहते रहो अन्ना |
थक जाओ तो
शिफ्ट में ड्यूटी बजाओ अन्ना,
खुद सोओ तो अपने विश्वास पात्र भाई को जगाओ अन्ना |
वर्ना देश के दुश्मन काले अँगरेज़,
तुम्हारे जगने पर सोने की दुआ करेंगे |
थोड़ी देर काम रुकेगा,
फिर उतनी ही तेज़ी से
अपनी झोली भरेंगे |
फिर भी अन्ना
इसबार के तुम्हारे
जगराते ने
लुटेरो की नींद हराम की है|
" आजादी के बाद की, आजादी की लडाई "
दुनिया ने इसे यही उपाधि दी है | (सुशील अवस्थी "राजन")

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