Sunday, April 17, 2011

"JAI HANUMAN..JAI JAI HANUMAN"

आज हनुमान जयंती है,आप सभी को मारुती नंदन के जन्मदिन की हार्दिक बधाई|
प्रभु हनुमान की एक बात यदि हम अपने जीवन में उतार सकें,तो हमारा जीवन भी क्लेश और दोष मुक्त हो जाय|मान-सम्मान पाने की उत्कट अभिलाषा का हनन|जरा सा किसी के द्वारा आदर न दिए  जाने पर हम कितने लाल पीले हो जाते हैं|लेकिन हनुमान जी ने बड़े बड़े काम करने के बाद भी कभी मान की अभिलाषा नहीं की|हनुमान शब्द ही दो शब्दों से मिलकर बना है हनु और मान अर्थात मान सम्मान पाने की अभिलाषा का हनन|क्या इस हनुमान जयंती पर हम अपने आराध्य के जीवन दर्शन से कुछ सीखने की कोशिश करेंगे ?या फिर लकीर के फ़कीर बने रहना चाहेंगे,और लड्डू,मंदिर,धक्का-मुक्की से ही मारुती नंदन को रिझाने की कोशिश में लगे रहेंगे| तय करिए न ......
हनुमान भक्त -
सुशील अवस्थी "राजन" 

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