Mera Man
Saturday, April 23, 2011
"MAA KI MAMTA"
माँ की ममता
जीवन पथ पर
दुश्वारियों की चटक धूप
जब पग रोंके
ममता का वह झीना आँचल
याद आ रहा है माँ|
तू याद आ रही है माँ|
भूंख के आने से पहले
आ जाती है
तेरी सूरत
हाँथ सहलाये सर
खाने से पहले
सब याद आ रहा है माँ|
तू याद आ रही है माँ| (
सुशील अवस्थी "राजन")
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