Saturday, April 23, 2011
Wednesday, April 20, 2011
"CHIKITSA PARYTAN BHARAT ME...?
चिकित्सा पर्यटन भारत में
अमरीकी राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपने देशवासियों से कहा है कि सस्ते इलाज के लिए भारत न जाएँ अमरीकी नागरिक|कारण... भारत ठीक-ठाक धन कमा रहा है,अमेरिकियों को सस्ती लेकिन बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराके|जानकार कहते हैं कि आनेवाले दिनों में भारत चिकित्सा पर्यटन का केंद्र बन सकता है|अमरीका अपने नागरिकों के लिए भारत से रोजगार जुटाने के लिए तो तैयार है,लेकिन भारतीय नागरिक अमरीका से कुछ कमा लें तो उसे दिक्कत होती है|इससे पहले ओबामा एच-१बी वीजा ,और हेल्थ केयर बिल को मंजूरी देकर भारत और भारतीयों को जोरदार झटका दे चुके हैं|अब भारत में इलाज न करवाने की बात कहकर उन्होंने जता दिया है कि वह और उनकी सरकार भारत और भारतीयों को किस नजर से देखती है|
वैसे आम भारतीय यह जानकर हैरान है कि अपने नागरिकों को बमुश्किल चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध करा पा रहा अपना हिंदुस्तान,दुनिया का इलाज कर पा रहा है|ओबामा जी ज्यादा परेशान होने की जरुरत नहीं,जिस दिन आपके नागरिकों का सामना लखनऊ के चिकित्सा विश्वविदयालय के सरकारी डाक्टरों से हुआ,उस दिन के बाद कोई अमरीकी भारत इलाज कराने नहीं आयेगा|जुबान पर गंदी गलियां,हांथों से मारपीट करने के लिए हमेशा तैयार,ऐसे डाक्टरों से इलाज करा रहा आम भारतीय,आपके नागरिकों की सेवा में सुसभ्य व सस्ते डाक्टर उपलब्ध करा रहा है,शायद यह बात आपको नहीं पता?अब क्या कष्ट है?बताइए न ओबामा जी ...?
Tuesday, April 19, 2011
"BHARAT BHAVYA BANANA HAI"
बड़ी ख़ुशी होती है भारत को अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सम्मानित होते हुए देख कर|विश्व बिरादरी में भारत का कद दिन बा दिन बढ़ता ही जा रहा है|इस बढ़ते कद के पीछे है हमारी तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्था|वह अर्थव्यवस्था जिसे कदम कदम पर "सबल भ्रष्टों" से दो चार होना पड़ रहा है|
मै कभी कभी सोंचता हूँ कि क्या भारत पहली बार सम्पन्नता का सामना करने जा रहा है|हम पहले भी तो संपन्न थे,जब सारी दुनिया हमें सोने की चिड़िया कहकर संबोधित करती थी, लेकिन हम बहुत दिनों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़े रहे|क्यों........?क्या फिर से सम्पन्नता हांसिल करने से पूर्व हमें चिंतन की आवश्यकता नहीं कि कैसे इस सम्म्पनता को चिर-स्थाई बनाये रखा जाय|पुरानी गलतियों से सबक लेने की जरुरत है|
अभी हमें याद है कि कैसे हमारी सामाजिक टूटन का लाभ उठाकर दुनिया के लुटेरों ने हमें लूटा था|हमें आपस में लड़ाकर हमारा धन लूटने वालों का दोष नहीं,दोष तो हमारा था कि हम उनकी आसान सी रणनीति नहीं समझ सके|जब आपके पास धन होता है तो डकैतों का आना तो तय है|डकैत का तो काम ही है रूप बदल कर छल कपट के द्वारा बलात धनिक का धन लूटना|कुछ इतिहासकार अभी भी डकैतों को ही सारा दोष दे रहें हैं|
सच्चाई तो यही है कि हम तब भी ब्राम्हण -ठाकुर,हिन्दू- मुस्लिम,ऊंच-नींच, में बंटे थे और आज भी बंटे हैं|कल हमें अंग्रेज लूटते थे,आज भारतीय अंग्रेज़|विदेशी अंग्रेजों से कई गुना ज्यादा नुकसानदायक और खतरनाक हैं ये भारतीय अँगरेज़|इनसे लड़ने के लिए हमें फिर से आजादी की लडाई छेड़ने की जरुरत है|गाँधी की जगह अन्ना चाहिए|हथियार की जगह वोट को बतौर हथियार इस्तेमाल करना होगा| न खून न खराबा,न देश के लिए मरना|सिर्फ देश के लिए जीना सीखने की जरुरत है|जब आप देश के लिए जीना सीख जायेंगे,तब ही देश महफूज़ रह सकेगा|
Sunday, April 17, 2011
"JAI HANUMAN..JAI JAI HANUMAN"
आज हनुमान जयंती है,आप सभी को मारुती नंदन के जन्मदिन की हार्दिक बधाई|
प्रभु हनुमान की एक बात यदि हम अपने जीवन में उतार सकें,तो हमारा जीवन भी क्लेश और दोष मुक्त हो जाय|मान-सम्मान पाने की उत्कट अभिलाषा का हनन|जरा सा किसी के द्वारा आदर न दिए जाने पर हम कितने लाल पीले हो जाते हैं|लेकिन हनुमान जी ने बड़े बड़े काम करने के बाद भी कभी मान की अभिलाषा नहीं की|हनुमान शब्द ही दो शब्दों से मिलकर बना है हनु और मान अर्थात मान सम्मान पाने की अभिलाषा का हनन|क्या इस हनुमान जयंती पर हम अपने आराध्य के जीवन दर्शन से कुछ सीखने की कोशिश करेंगे ?या फिर लकीर के फ़कीर बने रहना चाहेंगे,और लड्डू,मंदिर,धक्का-मुक्की से ही मारुती नंदन को रिझाने की कोशिश में लगे रहेंगे| तय करिए न ......
हनुमान भक्त -
सुशील अवस्थी "राजन"
Saturday, April 16, 2011
"LOG JO MERE AAS-PAS HAIN"
रिशिका (१५ महीना) मेरी प्यारी बिटिया
श्री प्रमोद बाजपेई जी सदस्य प्रदेश कार्यसमिति भाजपा, सदैव हमारे प्रेरणा श्रोत रहे हैं| "बैसवारा टाइल्स" के नाम से इनकी इंटर लिंकिंग व मोल्ड की फैक्ट्री है|स्वभाव से एक नेक व्यक्ति हर मदद मांगने वाले को अधिकांशतः इनसे मदद मिल ही जाती है|पर कई लोग मदद लेकर भूल गए,और वो आज सार्वजानिक जीवन में सफल लोगों में शुमार हैं|कोई एहसान माने या न माने हर संभव मदद को आज भी तैयार|
धर्मपत्नी श्री प्रमोद बाजपेई जी,मेरी भाभी ..
मम सुपुत्र मास्टर रिषभ १० वर्ष, कक्षा-५,बहुत शैतान,
संदीप कान्त "राजन" अध्यक्ष लखनऊ महानगर व्यापार मंडल, हमेशा दोस्ती निभायी|
स्वदेश कुमार कोरी राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारा दल, पहले कांग्रेस में प्रदेश प्रवक्ता थे,अब अपनी पार्टी हमारा दल को बढ़ाने में लगे हैं|पता नहीं क्यों मुझे लगता है वे एक दिन जरुर सफल होंगे|उनकी बातों में गजब की प्रेरणा शक्ति है|जो कहतें हैं कर गुजरते हैं| इनकी पार्टी में सदस्य बनिए न | संपर्क करिए 9415017577
भाई देवेन्द्र सिंह लखनऊ में मेरे सबसे पुराने मित्र,बुलंदशहर निवासी, शांत,सरल,उदार|
राहुल त्रिपाठी, छात्र एम काम, बछरावां दयानंद डिग्री कालेज, रायबरेली, दोस्त जैसा भतीजा |
श्री प्रमोद बाजपेई जी सदस्य प्रदेश कार्यसमिति भाजपा, सदैव हमारे प्रेरणा श्रोत रहे हैं| "बैसवारा टाइल्स" के नाम से इनकी इंटर लिंकिंग व मोल्ड की फैक्ट्री है|स्वभाव से एक नेक व्यक्ति हर मदद मांगने वाले को अधिकांशतः इनसे मदद मिल ही जाती है|पर कई लोग मदद लेकर भूल गए,और वो आज सार्वजानिक जीवन में सफल लोगों में शुमार हैं|कोई एहसान माने या न माने हर संभव मदद को आज भी तैयार|
धर्मपत्नी श्री प्रमोद बाजपेई जी,मेरी भाभी ..
मम सुपुत्र मास्टर रिषभ १० वर्ष, कक्षा-५,बहुत शैतान,
संदीप कान्त "राजन" अध्यक्ष लखनऊ महानगर व्यापार मंडल, हमेशा दोस्ती निभायी|
स्वदेश कुमार कोरी राष्ट्रीय अध्यक्ष हमारा दल, पहले कांग्रेस में प्रदेश प्रवक्ता थे,अब अपनी पार्टी हमारा दल को बढ़ाने में लगे हैं|पता नहीं क्यों मुझे लगता है वे एक दिन जरुर सफल होंगे|उनकी बातों में गजब की प्रेरणा शक्ति है|जो कहतें हैं कर गुजरते हैं| इनकी पार्टी में सदस्य बनिए न | संपर्क करिए 9415017577
भाई देवेन्द्र सिंह लखनऊ में मेरे सबसे पुराने मित्र,बुलंदशहर निवासी, शांत,सरल,उदार|
राहुल त्रिपाठी, छात्र एम काम, बछरावां दयानंद डिग्री कालेज, रायबरेली, दोस्त जैसा भतीजा |
Friday, April 15, 2011
"BABA RAMDEV" KAHENGE.. BHAIYA "VOTE DEV"
"वोट देव" कहेंगे बाबा "राम देव"
आने वाले दिनों में बाबा रामदेव यदि आपसे वोट मांगते हुए दिख जाय तो आश्चर्य न करियेगा|राष्ट्रवादी मोर्चे के गठन की घोषणा बाद ये सब होना ही है|गोविन्दाचार्य को इस मोर्चे का संयोजक बनाया गया है|माना जा रहा है कि बाबा का मोर्चा आनेवाले 2012 के यू.पी विधान सभा चुनावो में माया से मोर्चा लेने के मूड में है|देखना दिलचस्प होगा कि जिन माया की माया मुलायम, राजनाथ, सोनिया,राहुल, न समझ सके उनसे बाबा कि फ़ौज कैसे निपटेगी|
वैसे बाबा की राजनीतिक पारी का इंतजार उत्तर प्रदेश की जनता बेशब्री से कर रही है| जानकारों का कहना है कि मुलायम से सत्ता लेकर यू.पी. की जनता ने माया को बुलाया था,ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति सुद्रढ़ की जा सके. लेकिन इसबार की माया की पारी काफी फीकी रही|जनता मुलायम को फिर से बुलाने के मूड में नहीं है|कांग्रेस के पक्ष में जनता जा रही थी,लेकिन भ्रष्टाचार की अखिल भारतीय श्रंखला की कड़ियाँ खुलने से जनता कांग्रेस को अपनाने की मुद्रा का परित्याग कर चुकी है|अगर कोई नया विकल्प न दिखा तो जनता मज़बूरी में सपा का दामन थाम सकती है|पर बाबा के आने से मामला कुछ और ही होगा|आओ बाबा आओ यू पी की सरजमी पर आपका हार्दिक स्वागत है|वैसे भी बाबा का सपना प्रधानमंत्री की सीट है,ऐसा लोग कहते हैं|बहन जी का भी सपना बाबा के ही सपने जैसा है,बाबा जी जरा संभाल के...|कहते हैं कि प्रधानमंत्री के पद का रास्ता यूपी की पगडंडियों से ही होकर जाता है|
Thursday, April 14, 2011
"BADAL GAYA HAI LUCKNOW"
बदल गया है लखनऊलखनऊ,14 अप्रैल, अगर आप कई सालों पहले कभी लखनऊ आयें हों, तो यकीन मानिये नवाबों के इस शहर लखनऊ को अब आप कतई नहीं पहचान सकेंगे| क्योंकि इधर ३-४ सालों में शहर की रंगत बदल चुकी है| एअरपोर्ट से शहर की तरफ बढ़ते ही आलमबाग के अवध हॉस्पिटल चौराहे से ही बदले लखनऊ की बानगी मिलनी शुरू हो जाती है| vip रोड के किनारे -किनारे विकसित किये गए बुद्ध विहार उपवन की सुन्दरता निहारने से पहले आपका स्वागत एक अतिविशाल द्वार से होगा,जिसका निर्माण अभी प्रगति पर है| दाहिनी तरफ बुद्ध विहार की चहार-दिवाली समाप्त होने से पहले बांयी तरफ एक भव्य इमारत का गुम्बद आपका ध्यान बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेगा| यह गुम्बद बसपा संस्थापक कांशीराम का स्मारक है| गुम्बद के ही पीछे एक विशाल ईको पार्क का निर्माण करीब-करीब संपन्न हो रहा है| इसी सड़क पर चलते हुए आप प्रसिद्द अम्बेडकर पार्क का भी नज़ारा ले सकते हैं| जो की गोमती नगर में स्थित है| कांशीराम स्मारक चौराहे से बांये न जाकर यदि आप दाहिनी तरफ रुख करें,तो बंगला बाज़ार पार करते ही दाहिनी तरफ एक विशाल मैदान और मैदान के कुछ हिस्सों में दलित महापुरुषों की मूर्तियों का दीदार आप जिस स्थान पर कर रहे हैं,वह स्मृति उपवन के नाम से जाना जाता है,यहीं पर लखनऊ महोत्सव व दशहरे के मेले का आयोजन होता आ रहा है| आगे बढ़ने पर बहुत ही बड़ा मैदान रमा बाई अम्बेडकर मैदान है,जहाँ राजनैतिक पार्टियों की रैलियां आयोजित होती हैं| जिसके बारे में कहा जाता है की इसको भरने की कूबत सिर्फ मायावती में ही है| छोटे छोटे और भी कई पार्क व मूर्तियाँ हैं जो आपका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करेंगे ही| इन सारे बदलावों का श्रेय उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को ही जाता है| क्योंकि जबसे उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला है,तभी से राजधानी को निखारने का कार्य शुरू हुआ है|
हालाँकि विरोधी उनके इस काम पर शुरुआत से ही आपत्तियां जताते आ रहे हैं| भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक कहते हैं "सिर्फ भवनों पार्कों मूर्तियों के निर्माण से शहर सुन्दर नहीं हो जाते हैं| अच्छा होता मायावती जी दलित महापुरुषों के आदर्शों का अनुकरण करती न की सिर्फ मूर्तियाँ खडी करती| प्रदेश कार्यसमिति सदस्य भाजपा प्रमोद बाजपई कहते हैं सिर्फ एअरपोर्ट से लेकर कालिदास मार्ग तक के रास्ते को चमका देने से न पूरा शहर विकसित होता है, और ना ही प्रदेश| सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं मायावती को यही नहीं मालूम है की खेतों की पैदावार बढ़ाना जरुरी है या मूर्तियों पार्को का निर्माण| विधान परिषद् सदस्य अरविन्द त्रिपाठी "गुड्डू" का मानना है की बहन जी ने शहर को एक ऐतिहासिक रूप दिया है,जिसे आने वाली पीढियां युगों-युगों तक याद करेंगी|
कोइ कुछ भी कहे लखनऊ को एक नई पहचान मिल रही है,आप जब भी राजधानी आइये,नए लखनऊ का दीदार जरुर करिए| (सुशील अवस्थी "राजन")
Wednesday, April 13, 2011
BHARAT-CHINA AUR "BRICS"
हमारे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह चीन में हैं|श्री सिंह ब्रिक्स के शिखर सम्मलेन में भाग लेने चीन गए हुए हैं|"brics" का शाब्दिक मतलब, B से ब्राजील, R से रूस, I से इंडिया, C से चीन, और S का तात्पर्य शीघ्र ही इस संगठन से जुड़े साऊथ अफ्रीका से है| उपरोक्त देशों की सदस्यता वाले इस संगठन ब्रिक्स को भविष्य का G -7 भी कहा जाता है| G -7 विकसित देशों का संगठन है|चीन और भारत की तेज़ी से बढ़ रही अर्थव्यवस्थाओं के कारण ही ये संगठन भविष्य का G -7 है| ब्रिक्स का दुनिया में प्रभाव बढ़ने का मतलब,पश्चिमी देशों की एकाधिकारवादी व्यापारिक नीतियों के समापन की घोषणा| ब्राजील,रूस,साऊथ अफ्रीका, से भारत को कतई कोई शिकायत नहीं है,परन्तु चीन से भारत का विभेद जगजाहिर है|
सवाल यह है भारत क्या करे ? पश्चिम का एकाधिकार तोड़ने के लिए चीन को मजबूत करे,या फिर पश्चिम-चीन की लड़ाई में "राष्ट्रहित" को वरीयता दे| मुझे लगता है ब्रिक्स के माध्यम से भारत को चीन और पश्चिमी देशों दोनों को नियंत्रित करने की रणनीति अपनानी चाहिए| जो होता हुआ भी दिख रहा है| हालाँकि अभी तो ब्रिक्स की ताकत बढ़ाने के लिए ही सभी सदस्य देशों को काम करना चाहिए| क्योंकि अभी इन देशों का सकल घरेलू उत्पाद दुनिया के देशों का मात्र 17 प्रतिशत ही है,जिसके 2030 तक 47 फीसदी तक पहुंचने की सम्भावना है| दुनिया में हमारी भूमिका महत्वपूर्ण हो रही है| भारत "शक्तिशाली" बने इसमे हमारी भूमिका कम महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि हम एक लोकतान्त्रिक मुल्क हैं,जिसका हम सभी को नाज़ है|
Monday, April 11, 2011
Sunday, April 10, 2011
"RAM NAVMI PAR ..BAAT RAM-RAJYA KI"
भगवान राम के जन्म दिवस की आप सभी रामभक्तों को हार्दिक शुभ कामना| राम सिर्फ हिन्दुओं के ही आराध्य नहीं, वे सम्पूर्ण विश्व के है| आज उनके राजनीतिक दर्शन को अपनाने में सबका कल्याण है| रामराज्य को आज भी दुनिया की सबसे बेहतरीन शासन प्रणाली कहा जाता है| नहि दरिद्र कोऊ दुखी न दीना, नहि कोऊ अबुध न लक्षन हीना| ऐसे राज्य से भला किसी भी धर्मावलम्बी को क्या पीड़ा हो सकती है?
"JAGO AAM AADMI JAGO"
अन्ना हजारे ने आम आदमी को सचेत किया कि अपनी ताकत पहचानो|खुद को बेचारा मत समझो|लोकतंत्र में सर्वाधिक ताकत आम आदमी के ही पास है |राजनीतिक रूप से जागरूक बनो|आम आदमी के पास सबसे बड़ी ताकत वोट की ताकत है | सभी लोग मतदान के प्रति जागरूक हों |अपने वोट का सही इस्तेमाल करना सीखें व्यवस्था सुधर जाएगी |जाति-पाति,धर्म-मजहब,अगड़ा-पिछड़ा,की बातें करनेवालों को नकारिये योग्य व्यक्तियों को अपना प्रतिनिधि चुनिए तंत्र स्वतः लोकानुकूल हो जायेगा |
Saturday, April 9, 2011
"ANNA K BAHANE"
ख़त्म हुआ अन्ना का अनशन
पर सोंचो ...कि अब होगा क्या
जनता में ज्वार उठा के |
उम्मीदों का भार उठा के |
अन्ना सो न जाना |
अन्ना कहीं खो न जाना |
२६/११ पर अन्ना,
जागे थे ऐसे ही |
पर परिणाम तो सोंचो अन्ना ....
देश का दुश्मन,
जिन्दा है |
सारा भारत शर्मिंदा है
कहीं ऐसा न हो ..
अन्ना फिर सो जाये गहरी नींद,
हिन्दू होगा तो होली,
मुस्लिम... तो मनाने लगे ईद |
जागे तो मानो कोई ड्यूटी बजानी है,
अन्ना जाग रहा है ,
यह बात सबको बतानी है |
नया वादा नया इरादा
लेकर अन्ना कही आये,
जल्दी....जल्दी जागते रहो, जागते रहो चिल्लाये,
अगरबत्ती मोमबत्ती लोबान सुलगाये |
अच्छा चलो... काम हुआ पूरा,
फिर सोने चला जाय |
अब ऐसा मत करो अन्ना,
जागो-सोओ के कारन लोग तुम्हे
शार्ट टर्म मेमोरी लॉस,
कहने लगे हैं |
जागते रहो अन्ना ,
देखो सुनो और कहते रहो अन्ना |
थक जाओ तो
शिफ्ट में ड्यूटी बजाओ अन्ना,
खुद सोओ तो अपने विश्वास पात्र भाई को जगाओ अन्ना |
वर्ना देश के दुश्मन काले अँगरेज़,
तुम्हारे जगने पर सोने की दुआ करेंगे |
थोड़ी देर काम रुकेगा,
फिर उतनी ही तेज़ी से
अपनी झोली भरेंगे |
फिर भी अन्ना
इसबार के तुम्हारे
जगराते ने
लुटेरो की नींद हराम की है|
" आजादी के बाद की, आजादी की लडाई "
दुनिया ने इसे यही उपाधि दी है | (सुशील अवस्थी "राजन")
Tuesday, April 5, 2011
MAHAUL CHUNAVI HOI RAHA HAI......
माहौल चुनावी होइ रहा है |
खम्भे खम्भे लगी होर्डिंगे |
उप-विजेता पार्षद का चाल.....ढंग ....
सब हमसे कहि रहा है कि,
माहौल चुनावी होइ रहा है |
अंकल की चिंता और अंटी का प्यार
याद कर रहे हैं ,
सब संभावित प्रत्याशी होशियार ,
लुटेरा लाला भी अब आसानी से
उधार देई रहा है, क्योंकि ...
माहौल चुनावी होइ रहा है |
शेर की खाल ओढना चाहे गीदड़ सियार
अपराधी,अनपढ़ कालीचरना के घर भी अब
चंदनवा फेकी रहा छई-छई अख़बार |
रामहरख रिक्शावाला अब रोज़ सबेरे उठतै
वार्ड के नेतन का गन्दी-गन्दी गाली देई रहा है,क्योंकि ....
माहौल चुनावी होइ रहा है |
भूल न जाना जीतने के बाद का
पार्षद नानक का बदला व्यवहार|
पूरे वार्ड में फैला चिकन गुनिया का रोग,
भीषण गंदगी का बजबजाता अम्बार |
वोट का करना एकदम सही इस्तेमाल
फिर न कहना कि लोकतंत्र मा जनमानस
काहे नेतन कै मनमर्जी सहि रहा है,क्योंकि ...
माहौल चुनावी होइ रहा है |
(सुशील अवस्थी "राजन")
Saturday, March 26, 2011
"BHARAT-PAK BHIDANT"
क्रिकेट का है ये विश्व युद्ध,
मोहाली है मैदान,
जीत के खातिर भारत-पाक
जरुर लड़ायेंगे जान |
जरुर लड़ाए जान,
नाम भी देश का होगा |
क्रिकेट को समझे युद्ध,
महा मूरख वह पोंगा |
एक की होगी विजय,
हार एक संग होगी ,
जो नहीं करे स्वीकार
बने वो मानस रोगी |
व्यक्ति हो या देश ,
उसी की दुर्गति होती |
तज के ठीक हालात ,
बने जो मानस रोगी |
क्रिकेट को समझो खेल
कभी न पीड़ा होगी|
बढाओ हौसला देश का
बनकर राष्ट्र के जोगी |
कह सुशील कविराय,
करौ न कौनिउ चिंता|
जितिहई अपनिन टीम,
अपन संग हवई सचिन"दा" |
Friday, March 25, 2011
"RAKESH KI GALTI KYA THI"
लखनऊ की सड़कों पर ऐसे कार चालक भी गाड़ी चला रहे हैं, जो छोटी से छोटी बात पर आप पर गाड़ी चढ़ा सकते हैं |घटना कल की है,मवैया चौराहे पर यातायात सिपाही राकेश सविता अपनी ड्यूटी पर था | चारबाग की तरफ से तेज़ गति से आ रही कार ने एक साईकिल सवार को ठोकर मार दी जिससे साईकिल सवार दूर जा गिरा |ड्यूटी पर तैनात सिपाही सविता ने कार के आगे खड़े होकर कार रोकनी चाही, पहले तो कार चालक ने गति धीमी की तो लगा की शायद वह गाड़ी रोकना चाहता है, पर सहसा गाड़ी की स्पीड अप्रत्याशित रूप से बढ़ी और देखते ही देखते राकेश को कुचलती हुई आँखों से ओझल हो गयी | अभी तक वह गाड़ी और ड्राईवर राजधानी पुलिस की पकड़ से दूर है | दिन दहाड़े ११ बजे घटी यह घटना कई सवाल जन्म दे गयी |
पहला सवाल यह , की राकेश के बीबी बच्चों का क्या होगा ? दूसरा की राजधानी पुलिस के पास ऐसे साधनों संसाधनों का आभाव है,जिससे ऐसी घटनाओ को अंजाम देनेवालों को चिन्हित किया जा सके | अरबों रुपया पत्थरों की मूर्तियों व पार्कों पर खर्च करनेवाली सरकार को सजीव मूर्तियों की भी चिंता करनी चाहिए |कानून व्यवस्था की दुहाई देने वाली सरकार को अपनी पुलिस को संसाधन भी उपलब्ध कराने चाहिए | नहीं तो कब तक राकेश अपनी जान की कुर्बानी देकर नौकरी करेंगे ?
Thursday, March 24, 2011
"WORLD CUP-2011;PRARTHANA.... DILAYEGI BHARAT KO VIJAY"
आइये ईश्वर से प्रार्थना करें कि भारत ऑस्ट्रेलिया को परास्त कर सके | क्योंकि मुकाबला शुरू हो चुका है |अपनी टीम पर हम उतना ही भरोसा कर सकते हैं, जितना कि हम अपने नेताओ पर करते हैं |अभी तक के प्रदर्शन के आधार पर तो नहीं कहा जा सकता है कि ये भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया को परास्त कर सकेगी,पर करोड़ों भारतीय जीत का इंतजार कर रहे हैं ....यह सब जानते हुए |ठीक उसी अंदाज़ में कि दिल है कि मानता नहीं |करोड़ों लोगों की प्रार्थना और दुआ यदि रंग लाई तब ही भारत विजयी होगा |तो क्या कर रहे हो चलो दुआ करो .......
Tuesday, March 22, 2011
"JARA YAAD KARO KURBANI"
२३ मार्च भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के इतिहास की महत्वपूर्ण तारीख है| भगत सिंह,सुखदेव, और राजगुरु का बलिदान दिवस है २३ मार्च....|ये शहीद आम अवाम के दिलो -दिमाग में आज भी जिन्दा हैं| भारत माता के इन वीर सपूतों को सम्पूर्ण भारत वासियों की तरफ से सुशील अवस्थी का सदर प्रणाम |धन्य है उनका बलिदान ...| इन शहीदों के कार्यों को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी की हम भी अपने देश को याद रखें बस.... इसके अलावा कुछ भी करना,कहना,लिखना ....निरर्थक है बकवास है|
Monday, March 21, 2011
Bachao..Bachao UP Ko Bachao.....
(सुशील अवस्थी "राजन") हाँ मैंने यू.पी. याने उत्तर प्रदेश को बचाने की गुहार लगाई है ..... कि बचाओ ...बचाओ ....| हमारा प्रदेश हमारी कमजोरियों के कारण लुट रहा है| विकास नापने तोलने के जितने पैमाने होते हैं, हम हर पैमाने पर फिसड्डी ही hain | आंकड़े हम नहीं चस्पा कर पाएंगे ,क्योंकि आंकड़ो से विचारों की लयबद्धता कुंद हो जाती है,पर सत्य है कि मंदिर- मस्जिद, हिन्दू -मुस्लिम, जाति -पांति, की संकीर्णता ने हमारा बेड़ा गर्क किया है | इक्कीसवीं शताब्दी में.. जब सारी दुनिया में भारत का डंका बज रहा है, ओबामा जैसा ....ताकतवर मुल्क अमेरिका का राष्ट्रपति अपने देश के लोगों को रोजगार देने के लिए भारत की यात्रा करता है,उसी मुल्क के एक प्रमुख प्रान्त उत्तर प्रदेश में शाम होते ही गाँव,क़स्बे और शहर सब अंधकार की चपेट में होते हैं|बिजली के खम्भे होते हैं... उनपर झूलते तार भी होते हैं ...पर बिजली नहीं | तमसो मा ज्योतिर्गमय ...मतलब अंधकार से प्रकास की ओर ले चलने की हमारी झूठी कामना आज तक पूरी न हो सकी |
मै अपनी और किसी लाचारी या बेचारगी का जिक्र नहीं करना चाहूँगा, कि स्कूल,अस्पताल,कल कारखानें,सड़कें,नहरें,पेयजल आपूर्ति,कानून व्यवस्था सब अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं| प्रकाश व्यवस्था का जिक्र करना इसलिए भी मै जरुरी समझता हूँ, क्योंकि अंधकार यानी अज्ञानता से लड़ने में प्रकाश ज्ञान का प्रतीक है|
इन अव्यवस्थाओं के लिए नादान लोग मायावती को दोषारोपित कर रहे हैं| माया काफी हद तक जिम्मेदार हैं पर पूरी तरह से नहीं|प्रदेश की हालत सुधारने के लिए उनके पास पर्याप्त अवसर था, पर उसका इस्तेमाल उन्होंने अपनी संकीर्ण राजनीति चमकाने में किया न कि प्रदेश के हालात सुधारने में|माया के लोग इन हालातों के लिए मुलायम,राजनाथ,कल्याण को भी दोषी बताएं तो वह भी सही ही है|
वास्तव में इन हालातों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हम और आप हैं|विकास की राजनीति को हमने आपने ही तवज्जो नहीं दी उसी का प्रतिफल है प्रदेश के ये हालात|जातिवाद की राजनीति में पगे बयान और नेता हमें पसंद आते रहे, हम उन्हें अपना कीमती वोट सौपते रहे,और जातिवाद का दानव मजबूत होता गया|आज उसी दानव ने सारी व्यवस्था को अपनी आगोश में ले लिया है| यदि जातिवाद के इस दानव के जन्मदाता और पालक हम हैं,तो हमें ही इसके वध के लिए भी आगे आना होगा| यही हम यूपी वासियों का वास्तविक प्रायश्चित होगा|बिहार के लोगों ने यह प्रायश्चित किया है,क्या हम और आप करने को तैयार हैं?
इन अव्यवस्थाओं के लिए नादान लोग मायावती को दोषारोपित कर रहे हैं| माया काफी हद तक जिम्मेदार हैं पर पूरी तरह से नहीं|प्रदेश की हालत सुधारने के लिए उनके पास पर्याप्त अवसर था, पर उसका इस्तेमाल उन्होंने अपनी संकीर्ण राजनीति चमकाने में किया न कि प्रदेश के हालात सुधारने में|माया के लोग इन हालातों के लिए मुलायम,राजनाथ,कल्याण को भी दोषी बताएं तो वह भी सही ही है|
वास्तव में इन हालातों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार हम और आप हैं|विकास की राजनीति को हमने आपने ही तवज्जो नहीं दी उसी का प्रतिफल है प्रदेश के ये हालात|जातिवाद की राजनीति में पगे बयान और नेता हमें पसंद आते रहे, हम उन्हें अपना कीमती वोट सौपते रहे,और जातिवाद का दानव मजबूत होता गया|आज उसी दानव ने सारी व्यवस्था को अपनी आगोश में ले लिया है| यदि जातिवाद के इस दानव के जन्मदाता और पालक हम हैं,तो हमें ही इसके वध के लिए भी आगे आना होगा| यही हम यूपी वासियों का वास्तविक प्रायश्चित होगा|बिहार के लोगों ने यह प्रायश्चित किया है,क्या हम और आप करने को तैयार हैं?
Saturday, March 19, 2011
HOLI K DIN......
लोग कहते हैं कि....
होली के दिन दिल मिल जाते हैं,
दुश्मन भी गले लग जाते हैं |
यह चेतावनी कोई क्यों नहीं जारी करता कि ...
यदि लापरवाही से होली खेली,
दूसरों की देखा-देखी पानी की तेज़ धार झेली ...
तो बुड्ढ़े बीमार पड़ जाते हैं |
कहाँ दुश्मन गले मिले ?
ये तो फिल्म लोक की मुलायम-माया है ,
जो आज तक दर्शाती आ रही है कि...
दुश्मन भी गले मिल जाते हैं |
पर यू पी के मुलायम तो
दुश्मनों के प्रति बगावती हो गए हैं |
सब सत्ता की माया का प्रभाव है ,
कि माया भी माया छोड़ने को तैयार नहीं |
सत्ता ही जब राजनीती की अपरिहार्यता बन जाय तो,
नीति विचार भी सड़ जाते हैं |
और आप कह रहे थे कि दुश्मन भी गले लग जाते हैं |
यदि ऐसा है तो इस्रायल और फलस्तीन मिल जाएँ गले |
भारत पाक .... ओबामा - ओसामा ....
कब आयेगी इनके गले मिलने वाली होली ...
आखिर कब ?
Thursday, March 17, 2011
Ye Kaise Hole Hai..?
घर कैसे पहुंचू .....?
रेलवे बेहाल है,
ट्रैक पर लेटे हैं जाट,
बड़ा बुरा हाल है|
सरकार का भी ....
अस्तित्व है,
ये बात अब लगती ठिठोली है,
मेरा मन पूंछ रहा है ....
आखिर ये कैसे होली है ...?
बोर्ड का इम्तिहान,
सपाइयों का आंदोलित हुडदंग,माया और मुलायम की..
सत्ता प्रेरित जंग..
सड़कों के किनारों से,
अबीर गुलाल गायब ....
भगदड़,आपाधापी,लाठी और गोली है |
मेरा मन पूंछ रहा है,
आखिर ये कैसी होली है?
विकीलीक्स के भारतीय रहस्योद्घाटन,
जापान के आंसू ...
भाजपा की बेबशी,
अपनी लहराती जीडीपी... और
नए वित्तीय वर्ष के संभावित आंकड़ें धांसू ....
पर आम आदमी की महंगाई से,
खाली हो गयी झोली है|
मेरा मन पूंछ रहा है,
आखिर ये कैसी होली है?
आखिर ये कैसी होली है?
विकीलीक्स के भारतीय रहस्योद्घाटन,
जापान के आंसू ...
भाजपा की बेबशी,
अपनी लहराती जीडीपी... और
नए वित्तीय वर्ष के संभावित आंकड़ें धांसू ....
पर आम आदमी की महंगाई से,
खाली हो गयी झोली है|
मेरा मन पूंछ रहा है,
आखिर ये कैसी होली है?
Ye Kaise Hole Hai..?
घर कैसे पहुंचू .....?
रेलवे बेहाल है,
ट्रैक पर लेटे हैं जाट,
बड़ा बुरा हाल है|
सरकार का भी ....
अस्तित्व है,
ये बात अब लगती ठिठोली है,
मेरा मन पूंछ रहा है ....
आखिर ये कैसे होली है ...?
Monday, March 14, 2011
Kaun Vapas Layega Athah Dhan......
आज कल बाबा रामदेव धन चर्चा में हैं /वो बात कर रहे हैं विदेशों में जमा किये गए काले धन की /तो कुछ लोग बाबा पर ही उंगली उठा रहे हैं /धन बड़े आकर्षण की चीज़ है /इसीलिए सारे देश का ध्यान बरबस ही उस धन की तरफ है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह आम आदमी के साथ छल करके विदेशो को भेजा गया है /
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सिर्फ धन वापसी की चर्चा ही होगी या फिर इसे वापस भारत लाने का कोइ जतन भी किया जायेगा /यदि हाँ तो कब और कैसे ?कौन करेगा धन वापसी की पहल ?बाबा रामदेव,आडवानी या फिर कोइ और ?
बाबा जी ऐसा कुछ कर सकते हैं,इसमे मुझे कुछ नहीं पूरा संदेह है /अथाह धन अर्जित करने वाला व्यक्ति कभी इस तरह का काम नहीं कर सकता /हाँ इस तरह की चर्चाएँ गर्म करके अपना काम जरुर बना लेगा /बाबा जी ने अल्प अवधि में जितना धनार्जन किया है वह सीधे रास्ते से संभव नहीं है /बाबा जी भी काली कमाई के खेल में कहीं न कहीं शामिल अवश्य होंगे|
आडवानी जी इतना ऊल जुलूल पहले ही कह चुके हैं कि आम आदमी उन पर भरोसा ही नहीं करेगा|कभी जिन्ना महान ....तो कभी कुछ|उन्हें तो सिर्फ प्रधानमंत्री बनने कि जल्दी है,यह सारा देश जान चुका है |
Thursday, March 10, 2011
Shakti Aur Jimmedari....
भारत विकास की सही राह पर है/ दुनिया आंकलन कर रही है कि आने वाले वर्षों में हम आर्थिक विकास की दौड़ में चीन को पछाड़ सकते हैं/चीन आर्थिक विकास की लम्बी दौड़ लगाने के बाद हांफ सा गया है/बुजुर्ग आबादी के दम पर ड्रेगन आखिर कब तक युवा टाइगरों से टक्कर लेगा?हम युवा एक नए भारत के निर्माण की पटकथा लिख रहे हैं/अपनी मेहनत और लगन के बल पर हम नित नई ऊचाई छू रहे हैं/हम अपनी पहले की पीढ़ी की अपेक्छा कम सांप्रदायिक व जातिवादी हैं/भ्रष्टता व अन्याय के हम अपने पूर्वजों की तुलना में ज्यादा खिलाफ हैं/यहाँ हम आजादी के बाद के अपने पूर्वजों से अपनी तूलना कर रहे हैं न कि आदि अनादिकाल के पूर्वजों से/बहुत से मुद्दों पर यदि हमने अपने पुरखों से दुनिया को समझने की सीख पाई है तो अनेंक मुद्दों पर हमने अपनें माँ-बाप को एक नया नजरिया भी दिया है/ लेकिन आज सब युवा भारत याने कि यंगिस्तान की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं इसलिए हम युवाओं की जिम्मेदारियां भी बढ़ गयीं हैं/हमें राजनीति के छेत्र में भी आगे आना होगा/परिवर्तन व सुधारों का सबसे बड़ा कार्य राजनीति के ही माध्यम से संभव है,इसलिए राजनीति से विरक्ति के भाव से हमें बचना होगा/ जिस प्रकार डाक्टर व इंजीनियर बनना हमारे एजेंडे में होता है vaise ही rajneta बनना भी हमारे एजेंडे में hona chahiye / bakee fir kabhee .....
Tuesday, March 8, 2011
Kala Dhan...........
धन जीविकोपार्जन के लिए जरुरी है /पर कितना ..........? कुछ संतोषी संतों ने कहा कि सांई इतना दीजिये जा में कुटुम समाय .......पर आजकल तो धन की चाह रखने वालों का दिल मांगे मोर .....वाले फार्मूले को स्वीकारता जा रहा है /देश का अरबों रुपया विदेशी बैंकों में जमा है /हसन नाम का एक व्यक्ति तो खरबों रुपया का अकेला मालिक है /हम भी तो धनिकों को अतिरिक्त सम्मान देतें हैं /बगैर यह जाने कि जिस धन का वह मालिक है, वह कैसे कमाया गया है?धनिकों का सम्मान तो होना चाहिए पर उचित तरीके से अमीर बने लोगों का /ऐसा कर के हम शायद काले धन की कुछ मुखालफत कर सकेंगे / ........सुशील अवस्थी "राजन"
Monday, February 28, 2011
Baba Ramdev Ka Rajneetik Anulom -Vilom;
सुशील अवस्थी "राजन"; बाबा रामदेव के राजनीतिक अनुलोम विलोम को सांसद बनने के इच्छुक लोग करना चाह रहे हैं/ऐसे बहुत से लोग हैं जो राजनीति में जाना तो चाह रहे है पर उनके पास धनबल व बाहुबल का अभाव है/ऐसे लोग बाबा जी का बताया हर अनुलोम विलोम करने को तैयार हैं/उम्मीद की जा रही है कि बाबा जी संभावित २०१४ के लोकसभा चुनावों में धमाल कर गुजरेंगे/पर क्या इतना आसान है धमाल/कांग्रेस के कुख्यात महासचिव दिग्विजय सिंह तो अभी से आक्रामक हो गए हैं/ बाबा को गुस्सा आ गया है/पर राजनीति में आना चाह रहे हो तो इसके लिए तो तैयार ही होना होगा/दूसरे के काले धन कि चर्चा करोगे तो आपके धन की चेकिंग तो होगी ही /हाँ इस अवसर पर यदि आपके धन में जरा भी कालिख दिखी तो भावी सांसदों के अरमानों के चेहरे काले होने में टाइम नहीं लगेगा /
Wednesday, February 23, 2011
Maya Jee Teri Maya.........
सुशील अवस्थी "राजन" ........मैया जी तेरी माया समझ न आवे" एक देवी गीत है,जिसमे माता जगत जननी की शक्तियों का गुणगान है/ मै बात करना चाहता हूँ बहन कुमारी मायावती की माया की,मतलब "माया जी तेरी माया समझ न आवे" वह कब क्या करना चाहती हैं,शायद विरोधी कायदे से भांप नहीं पाते हैं/ वह खुद तो जिलों के दौरों पर हैं,पर विरोधी अभी भी विधान सभा में ही फंसे हैं/ वह जनता से मुखातिब हैं/मतलब.....साफ है /बिहार विधान सभा चुनाओं का असर माया की कार्यशैली पर दिख रहा है/जिस प्रकार बिहार के लोगों ने जातिवाद की राजनीति को तिलांजलि दी है,वह ही माया की बेसब्री का सबसे बड़ा कारण है/क्योंकि ....जातिवाद की राजनीति का गढ़ रहे बिहार के राजनीतिक तौर तरीकों का उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा अनुयायी रहा है/
जिले -जिले जा कर विकास की स्थिति से अवगत होना बहुत अच्छी बात है,पर वह कहीं लेट तो नहीं हो गयी हैं,इस पर ध्यान देना होगा/ कांग्रेस -उत्थान के गुब्बारे की गैस निकल जाने से भी माया को राहत महसूस करनी चाहिए/सभी बड़ी पार्टियों के अन्दर -बाहर चल रही उठापटक भी बहिन जी को खुश कर सकती है,पर छोटी पार्टियों का एकीकरण चिंता का सबब बन सकता है/ राष्ट्रीय लोकदल - इंडियन जस्टिस पार्टी - पीस पार्टी -भारतीय समाज पार्टी -मिल्लते कौंसिल- उदय मंच जैसी कुछ एक पार्टियों ने आज जो गठबंधन घोषित किया है वह चिंता का सबब हो सकता है/ राष्ट्रीय लोकदल के पश्चिमी उत्तर प्रदेश तो पीस पार्टी के पूर्वी उत्तर प्रदेश के समीकरण का असर आने वाले दिनों में यूपी की सियासत पर साफ-साफ दिखने वाला है/ बस अजित सिंह के इमानदारी से काम करने की जरुरत होगी,क्योंकि राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है की अजित सिंह इस गठबंधन से कांग्रेस को डराना चाहते हैं/ताकि केंद्र सरकार में उचित संयोजन मिल सके/ सरकार विरोधी मतों की मान्य धारणा से भी माया को बचना होगा/ कहना आसान है ....पर माया के फिर से चुनकर यूपी की सत्ता पर काबिज़ होने में बड़ी बाधाएँ हैं/ वह कितनी बाधाओं को पार कर पाती हैं,यह तो आने वाला २०१२ ही बताएगा/
Saturday, February 19, 2011
Kranti Ke Senaniyon Ko ..Ath Shree Loktantra Katha ....
क्रांति बहुत बढ़िया फिल्म है जो आपने हमने सबने देखी है/लेकिन इधर क्रांति की चर्चा बहुत जोरों पर है.... अरे भाई फिल्म की नहीं ...हम चर्चा कर रहे हैं परिवर्तन, बदलाव वाली क्रांति की/लोग सड़कों पर उतर कर क्रांति-क्रांति चिल्ला रहे हैं/उन देशों में क्रांतीवाद की लहर तेज़ थपेड़े मार रही है,जहाँ लोकतंत्र नहीं है/अत्याचार काबिले बर्दास्त हो सकता है बस शोषित को उफ़ करने से न रोकिये/लोकतंत्र क्या है ...?क्या लोकतान्त्रिक देशों में कोइ समस्या नहीं ..... क्या जम्हूरियत में शासक अपनी जनता पर कोई अत्याचार नहीं करते? जनतंत्र का मतलब..... अत्याचारी द्वारा दी गयी चोटों पर किसी भी सुर में मातम कर सकने का जन्मसिद्ध अधिकार हैं/जिसे हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता कहते हैं,जबकि गैर लोकतान्त्रिक देशों में यह सुअवसर आपको नहीं दिया जा सकता है/ हम दुनिया के सबसे बडे लोकतंत्र हैं... पर हमारी समस्याएँ क्या छोटी हैं क्या? हमें हमारे सेवक लूट रहे हैं ... पाई- पाई को मोहताज़ हम भारतीयों का करोड़ों - अरबों रुपया लुट रहा है पर लोकतंत्र यह लूट रोंक पा रहा है क्या?लोकतंत्र में घाघ नेता पब्लिक को कुत्ता और अपने को हांथी समझकर कहते होंगे कि हांथी चलता रहता है और कुत्ते भोंकते रहते हैं,इनके मुह नहीं लगा जाता/हम गला फाड़-फाड़ कर चिल्लाते रहते हैं और भ्रष्टाचार व घोटाले धारावाहिक तर्ज़ पर जारी रहते हैं/किसी भ्रष्ट नेता को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र अपने किये गए कुकर्मों की ऐसी सजा दे पाया है क्या जिससे डर कर लुटेरे हम गरीबों के हक़ पर डांका डालने से पहले एक बार भी लोकतंत्र की मौजूदगी के बारे में सोंच सकें? गरीबों-दलितों के उद्धार के नाम पर सत्ता में आये लोग तो तानाशाहों जैसे ही लगते हैं /हम क्या कर सकते हैं सिवाय यह सोंचने के ... इनकी वैलिडिटी कब ख़त्म हो रही है ? समझदार नागरिक तो यह भी जान चुकें हैं की इनके बाद जो आनेवाले हैं वह भी कुछ कम नहीं होंगे/ किसी अच्छे के आने के इंतजार में हम जिस व्यवस्था में जीतें और मरते हैं, उसे ही लोकतंत्र कहते हैं/इतने पर भी यदि क्रांतिकारियों को लोकतान्त्रिक व्यवस्था रास आ रही है तो यह हमारे लिए गर्व की बात है/गर्व इस लिए की लाख बुराइयों के बावजूद भी लोकतंत्र से बेहतर शासन प्रणाली इस धरती पर दूसरी कोई नहीं है .... लोकतंत्र की ही महिमा है की सुशील अवस्थी जैसा अनजाना व्यक्ति उपदेश कर रहा है,और इस उपदेश की कहीं कोई सजा नहीं है/ मतलब छोटे मुंह बड़ी बात सिर्फ लोकतंत्र में ही की जा सकती है /छोटे लोगों को बड़ा ओहदा भी लोकतंत्र ही दिला सकता है.... शायद यही कारण है क्रांतिकारियों के उग्र होने का .... जय हो लोकतंत्र भगवान् की ........जैसे हमारे दिन बहुरे हैं वैसे ही तुम्हारे भी बहुरे इसी शुभकामना के साथ आपका अपना - सुशील अवस्थी "राजन"
Ham Nisandeh Deshbhakt Hain......
सुशील अवस्थी "राजन", हम भारत वासी देशभक्त होते ही हैं,जब- जब देश पर कोई विपत्ति आयी हम सब एक होकर उससे भिड़े हैं,और उसे परास्त भी किया है /लेकिन ना जाने क्यों अब ऐसा लग रहा है कि भ्रष्टाचार हमको परास्त कर रहा है /यू.पी.ए.-2 की सरकार भ्रष्टाचारियों के सामने असहाय सी हो गयी है / उस पर बहाने बाजी ऐसी कि मानो गठबंधन की सरकार चलाकर मनमोहन जी देश पर बड़ा एहसान कर रहे हों /गठबंधन की सरकार चलाने का मतलब, भ्रष्टों के सामने हथियार डालना ...... यह कौन सा राजनैतिक धर्म है ? लोकतंत्र ही भारत की ताकत है ....और अब हमको आपको भी अपने वोट की ताकत से भ्रष्टाचारियों से लड़ना ही होगा/ राष्ट्र संचालकों के लड़खड़ाते कदम कह रहे हैं कि ऐ भारतवासियों इस विपत्ति से भी देश को बचाने के लिए आगे आओ....... और अपने वोट कि ताकत से स्वाभिमानी भारत का निर्माण करो /
Wednesday, February 9, 2011
jam lagta hai bahin jee.......
बहिन जी आप आजकल पूरे प्रदेश के तूफानी दौरे पर हैं, करीब -करीब रोज़ आप एअरपोर्ट जाती और आती हैं /आपके आने जाने से कितना पहले राजधानी पुलिस यातायात रोंक देती है?आम राजधानी वासी को कितनी समस्या होती है ?लोग क्या बातें करते हैं?आपको जानना चाहिए /
Monday, January 24, 2011
kya jiyoge desh k khatir ?
२६ जनवरी आ रही है,जन गण मन गाया जायेगा...... टी.वी. पर ध्वजारोहण.... सैनिकों का जादुई कदमताल..... कुछ अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन और बस हो गयी २६ जनवरी / क्या ....क्या मतलब इस एक छुट्टी का ?आम आदमी कहता है कि नेताजी करेंगे जो भी करना होगा क्योंकि वो हमारे प्रतिनिधि हैं ,हमने उन्हें वोट दिया है/नेता जी का मानना है कि शक्ति तो जनता में निहित है वो जो भी कराना चाहेगी जनमत बनाकर करवा लेगी /गणतंत्र दिवस का मतलब लोगों में देशभक्ति की भावना का संचार करना है /देशभक्ति का स्वरुप समय काल के अनुसार अलग - अलग होता है /जैसे आजादी से पहले देश के लिए जान न्योछावर करना देशभक्ति होता था, पर आज के नजरिये से देखा जाय तो देश के लिए मरने से ज्यादा देश के लिए जीना देशभक्ति है /क्या आप और हम कभी देश के लिए जिए क्या ....?घर परिवार बीबी बच्चो के लिए तो हम हमेशा जिए, पर देश के लिए .......?यदि इस गणतंत्र दिवस पर हम देश के लिए जीना सीख गए तो फिर यकीन मानिये राष्ट्र मंडल खेल कभी भ्रष्ट मंडल खेल नहीं बन सकेंगे,घोटालों का आदर्श स्थापित करने वाले कभी हमारे भाग्यविधाता नहीं बन सकेंगे /
शुभ संकेत यह है कि आस और उम्मीद कायम है ,जब हम बिहार , और गुजरात की तरफ देखते हैं / नरेन्द्र मोदी और नितीश कुमार देश के नायक बनने की ओर अग्रसर हैं, प्रदेश स्तर पर सकारात्मक कार्य करके, जबकि कुछ राष्ट्रीय स्तर के नेता प्रदेश स्तर के लायक भी नहीं बचे हैं नकारात्मक कार्य करके /हम और आपने सही काम करनेवालों को सराहा और पुरुष्कृत किया / हमारे पास वोट से बड़ी ताकत कोई नहीं है, हम अगर देश के बारे में सोचेंगे तो पाएंगे कि आम आदमी सिर्फ सही मतदान करके ,सही व्यक्ति का चयन करके बड़ी देश सेवा कर सकता है /हम जहाँ हैं वहां इमानदारी से कार्यसेवा करके भी हम वास्तविक देश सेवा कर सकते हैं/ क्या इस बार हम ऐसा ही कुछ करने जा रहे हैं ....बोलो न ....../ जय हिंद .....जय हिंद .....भारत माता की जय .../ आपका - सुशील अवस्थी "राजन"
शुभ संकेत यह है कि आस और उम्मीद कायम है ,जब हम बिहार , और गुजरात की तरफ देखते हैं / नरेन्द्र मोदी और नितीश कुमार देश के नायक बनने की ओर अग्रसर हैं, प्रदेश स्तर पर सकारात्मक कार्य करके, जबकि कुछ राष्ट्रीय स्तर के नेता प्रदेश स्तर के लायक भी नहीं बचे हैं नकारात्मक कार्य करके /हम और आपने सही काम करनेवालों को सराहा और पुरुष्कृत किया / हमारे पास वोट से बड़ी ताकत कोई नहीं है, हम अगर देश के बारे में सोचेंगे तो पाएंगे कि आम आदमी सिर्फ सही मतदान करके ,सही व्यक्ति का चयन करके बड़ी देश सेवा कर सकता है /हम जहाँ हैं वहां इमानदारी से कार्यसेवा करके भी हम वास्तविक देश सेवा कर सकते हैं/ क्या इस बार हम ऐसा ही कुछ करने जा रहे हैं ....बोलो न ....../ जय हिंद .....जय हिंद .....भारत माता की जय .../ आपका - सुशील अवस्थी "राजन"
Friday, January 21, 2011
UP ka Nitesh Kumar Kaun ......?
(सुशील अवस्थी "राजन") करीब 17 महीने बाद यू पी के लोगों को अपनी राज्य सरकार का चयन करना होगा /क्या BSP बिहार के इतिहास को यहाँ दुहरा पायेगी ? या फिर कोई और पार्टी अपना साम्राज्य स्थापित करेगी...... यह देखने वाली बात होगी / आइये देखते हैं यू पी की जमीनी हकीकत / पहले बसपा की चर्चा की जाय...... तो कहा जा सकता है कि सबसे ताकतवर पार्टी के रूप में वही दिख रही है /एक सर्वमान्य नेता बहिन मायावती ,और कठोर अनुशासन पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है / क्या एक बार फिर कोई ऐसा चमत्कार हो पायेगा जिससे यह पार्टी फिर से यू पी की सत्ता पर काबिज़ हो सके सोचना आसान है....../ बसपा कभी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई इसलिए दलित के मन में हमेशा माया का पूरा कार्यकाल देखने के कसक बाकी रही / अब कसक से ठसक तक सफ़र तय कर चुका दलित अरबों रुपया दलित महापुरुषों के नाम पर खर्च होते हुए देख चुका है /बेहतर जीवन स्तर या मूर्ति पत्थर ? दलित किसका चयन करता है देखने वाली बात होगी / क्रमशः जारी रहेगा .....
Monday, January 17, 2011
mahangaee....mahangaee ...
(सुशील अवस्थी "राजन") महंगाई को लेकर शोरगुल जारी है/ पर यह चुनावी मुद्दा बन सकेगी क्या ? यदि यह चुनावी मुद्दा नहीं बन सकती तो कांग्रेस पर क्या फर्क पड़ेगा भाजपा रूपी कमजोर बकरी के मिमियाने का ?हम उत्तर प्रदेश के लोग क्या २०१२ तक याद रख पाएंगे कि २०१० के जाते -जाते और २०११ के आते समय इस महंगाई ने हम आम लोगों के चेहरों पर कितनीं खरोंचें दी थी ? हमारे जीवन की वास्तविक समस्याएँ,कहाँ चुनावी मुद्दा बन पाती हैं ? अगर भूल चूक से मुद्दा बन भी गयीं तो उस मुद्दे को कहाँ कोई जनादेश मिल पाता है ? जनादेश पर भाषण करना तो हमने सीख लिया पर मतदान करने का वक्त आने पर हम तथाकथित शिक्षित लोग आराम को वरीयता देते हैं /अगर हम चाहते हैं कि महंगाई पर निर्णायक प्रहार हो तो हमें अपने वोट रूपी अस्त्र का संधान करना होगा /
Wednesday, January 12, 2011
khud ko samjho....
अपनी ताकत पहचानने की कोशिश होती रहनी चाहिए /आत्म बल ही सबसे बड़ा बल है /छोटे -छोटे संकल्प करिए और उनको पूरा भी कीजिये/मै आपको बताऊँ ,मैंने संकल्प किया कि मै पान मसाला नहीं खाऊंगा /कोशिश की और सफल हुआ /छोंड दिया तो छोंड दिया ,एक अच्छा काम कर दिखाया /आप भी कर सकते हैं /आपका -सुशील अवस्थी "राजन"
Sunday, January 9, 2011
Vilupt ho sakta hay dost-
(सुशील अवस्थी "राजन") जो अच्छा लगे,जिसपर विश्वास करने को जी चाहे,जिसका नाम याद आते ही आप खुश हो जाये,ऐसे इंसान को क्या कहा जा सकता है ?दोस्त ,महबूब, माशूक ......?क्या आपके पास कोई ऐसा है जिसपर आप आँख मूदकर भरोसा कर सकें ?यदि हाँ..... तो अपने आपको सौभाग्यशाली मानिये /यकीन मानिये ऐसे लोग हमारे आपके बीच से विलुप्त होने की कगार पर हैं/एक दिन दो जवान लड़के बात कर रहे थे ,कि राघव (काल्पनिक नाम ) से हमने इस लिए दोस्ती की ताकि उसकी खुबसूरत बहन पटा सकूँ / ये भी दोस्त हैं /दोस्ती को अपने आस -पास करीब-करीब हम इसी रूप में पाते हैं /ऐसे माहौल में यदि आपके पास एक अदद विश्वास पात्र दोस्त हो तो आप क्यों ना अपने आप पर इतराएँ /
महबूबाओं की बात सुनो ,एक लड़की अपनी सहेली के ब्वाय -फ्रेंड को लेकर भाग गयी ,इसलिए क्योंकि वह उसके वाले से ज्यादा अमीर था /क्या आज की ज्यादातर महबूबाओं के इरादे ऐसे ही नहीं होते ?ऐसे में यदि आपके पास एक फख्र करने वाली महबूबा हो तो आप अपने आप को क्या कहलाना पसंद करोगे भाग्यशाली या दुर्भाग्यशाली ?वास्तव में अच्छे लोग आपको तभी मिलते हैं जब ऊपर वाले की इच्छा हो /
हम अपने आस -पास विलुप्त होने की कगार पर खड़े ऐसे लोगों को खोजें,उनका सम्मान करें,तभी इस प्रजाति को बचाया जा सकता है /शेष फिर कहूँगा /
महबूबाओं की बात सुनो ,एक लड़की अपनी सहेली के ब्वाय -फ्रेंड को लेकर भाग गयी ,इसलिए क्योंकि वह उसके वाले से ज्यादा अमीर था /क्या आज की ज्यादातर महबूबाओं के इरादे ऐसे ही नहीं होते ?ऐसे में यदि आपके पास एक फख्र करने वाली महबूबा हो तो आप अपने आप को क्या कहलाना पसंद करोगे भाग्यशाली या दुर्भाग्यशाली ?वास्तव में अच्छे लोग आपको तभी मिलते हैं जब ऊपर वाले की इच्छा हो /
हम अपने आस -पास विलुप्त होने की कगार पर खड़े ऐसे लोगों को खोजें,उनका सम्मान करें,तभी इस प्रजाति को बचाया जा सकता है /शेष फिर कहूँगा /
Friday, January 7, 2011
Up police ki jay-
(सुशील अवस्थी "राजन") उत्तर प्रदेश की आन ,बान,शान हमारी अपनी पुलिस का कोई जवाब नहीं /न जाने कितने महापुरुष इसको सुधारने के चक्कर में खुद सुधर गए /पर ये है कि अपनी आन बान शान पर कोई आंच नहीं आने दे रही है / आजकल मैं सुबह -सुबह दूध लेने अपने १० वर्षीय सुपुत्र के साथ जाता हूँ ,तो अपनी महान पुलिस के कारनामों को देखने का सुअवसर मिलता है /वाहनों से अवैध वसूली का पुनीत कार्य जारी रहता है /बड़ी बेशर्मी से सड़क पर लूट का खेल जारी रहता है/ हमारे जांबाज़ सिपाहियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन बगल से गुजर रहा है /यह है निर्भीकता और निडरता का अदम्य परिचय /इतनी निडरता का कारण .........../सब जानते हैं /आप बोलिए क्या आपने अपनी निडर पुलिस का यह रूप नहीं देखा है ?मेरा बेटा मुझसे रोज़ पूंछता है कि पुलिस किस चीज़ का पैसा ट्रक वालों से लेती है ?मै कहता हूँ कि घूस है ,तो वह कहता है कि हाँ ...क्या मै जानता नहीं घूस तो चोरी से ली जाती है / अब अपनी पुलिस के ये कारनामें अनैतिक वा गैरकानूनी नहीं रहे /सरे राह निर्बाध रूप से किया जा रहा कार्य अनैतिक हो सकता है क्या ?हम सब इस कार्य को नैतिक रूप देने में बराबर के जिम्मेदार हैं /कभी बोला नहीं मुह खोला नहीं /सर्र से गुजर गए /अब तो ये सब आम बात हो गयी है /
मुझे याद आ रही है एक पूर्व मुख्यमंत्री की पहल ,जिसमे उन्होंने ट्रकों से हो रही अवैध वसूली को रोकने के लिए बड़े प्रयास किये पर धन्य हैं अपने वीर सपूत, जो कि टस से मस न हुए /
मुझे याद आ रही है एक पूर्व मुख्यमंत्री की पहल ,जिसमे उन्होंने ट्रकों से हो रही अवैध वसूली को रोकने के लिए बड़े प्रयास किये पर धन्य हैं अपने वीर सपूत, जो कि टस से मस न हुए /
Wednesday, January 5, 2011
Koe To Punche Kaise Ho.....?
(सुशील अवस्थी "राजन")खूब ठण्ड पड़ रही है ? लोग परेशान हैं /महंगाई भी बढ़ रही है ,लोग उससे भी परेशान हैं /पूर्व वित्त मंत्री और अब के गृहमंत्री पी .चिदंबरम कह रहे हैं कि बढ़ती महंगाई किसी टैक्स से कम नहीं है /प्रधानमंत्री भी बहुत चिंतित हैं /सोनिया जी भी अपनी चिंता कई बार सार्वजानिक कर चुकी हैं /पर कुछ भी सकारात्मक होता हुआ नहीं दिख रहा है /महंगाई को सब अपनी अपनी नजर से देख रहे हैं /विशेषज्ञ इतनी महीन समीक्षा कर रहे हैं कि आम आदमी की समझ में कुछ नहीं आ रहा है /राजनीतिज्ञों की समीक्षा से सिर्फ इतना समझ आता है, कि वह कह रहे हैं कि इस सरकार से कमान छीन कर हमें मौका दे दो बस /
आम आदमी को मनमोहन जी से कोई शिकायत नहीं है /उसे शिकायत है तो सिर्फ सोनिया ,राहुल से /क्योंकि हमने कांग्रेस को वोट मनमोहन से मोहित होकर नहीं दिया ,बल्कि सोनिया राहुल जी के मुख से यह सुनकर दिया कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ /लेकिन ऐसा कुछ दिखना भी चाहिए कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ है /यह हाँथ अब आम आदमी के गिरेबान पर आ गया लगता है /यकीन मानिये महंगाई वास्तव में डायन का रूप अख्तियार कर चकी है / विरोधी दल के रूप में भाजपा की अद्वितीय लाचारी ,कांग्रेस को निश्चिन्त किये हुए है /सत्ता धारी पार्टी के नेता विरोधी नेताओ का भी रोल अदा कर रहे हैं ,और बेशर्मी से कह रहे हैं कि महंगाई किसी टैक्स से कम नहीं है /
हम नहीं जानना चाहते कि महंगाई डायन इतनी पावर फुल कैसे हो गयी / पंवार की पावरफुल वार्ताएं महंगाई को पावरफुल करने में कितनी जिम्मेदार हैं हम नहीं जानना चाहते ?हम इतना जानना चाहते हैं कि क्या सरकार के पास कोई ठोस रणनीति नहीं जिसके दम पर वह हम महंगाई के आतंक से पीड़ित लोगों को कोई ठोस आश्वाशन दे सके /सरकार बताये कि आम आदमी का असमय वध कर रही इस महंगाई डायन का वह वध करेगी या फिर ........?काश भाजपा पावरफुल होती ?
आम आदमी को मनमोहन जी से कोई शिकायत नहीं है /उसे शिकायत है तो सिर्फ सोनिया ,राहुल से /क्योंकि हमने कांग्रेस को वोट मनमोहन से मोहित होकर नहीं दिया ,बल्कि सोनिया राहुल जी के मुख से यह सुनकर दिया कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ /लेकिन ऐसा कुछ दिखना भी चाहिए कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ है /यह हाँथ अब आम आदमी के गिरेबान पर आ गया लगता है /यकीन मानिये महंगाई वास्तव में डायन का रूप अख्तियार कर चकी है / विरोधी दल के रूप में भाजपा की अद्वितीय लाचारी ,कांग्रेस को निश्चिन्त किये हुए है /सत्ता धारी पार्टी के नेता विरोधी नेताओ का भी रोल अदा कर रहे हैं ,और बेशर्मी से कह रहे हैं कि महंगाई किसी टैक्स से कम नहीं है /
हम नहीं जानना चाहते कि महंगाई डायन इतनी पावर फुल कैसे हो गयी / पंवार की पावरफुल वार्ताएं महंगाई को पावरफुल करने में कितनी जिम्मेदार हैं हम नहीं जानना चाहते ?हम इतना जानना चाहते हैं कि क्या सरकार के पास कोई ठोस रणनीति नहीं जिसके दम पर वह हम महंगाई के आतंक से पीड़ित लोगों को कोई ठोस आश्वाशन दे सके /सरकार बताये कि आम आदमी का असमय वध कर रही इस महंगाई डायन का वह वध करेगी या फिर ........?काश भाजपा पावरफुल होती ?
Saturday, January 1, 2011
Naya Varsh Mangalmay Ho-
सुशील अवस्थी "राजन" -आज से हम एक साल तक दिनांक लिखने में २०११ अंक का इस्तेमाल करेंगे/ कुछ दिनों तक अजीब लगेगा फिर यह हमारी आदत में शामिल हो जायेगा /२०१० हमें क्या दे गया इसका विवरण लिखने में बहुत समय लगेगा,पर संछेप में कहा जाय तो इतना कहा जा सकता है कि,हम पर सारी दुनिया का भरोसा बढ़ा है पर हमारा कम हुआ है /ब्रिटेन,अमरीका,जर्मनी,रूस,चीन,जापान,फ़्रांस आदि देशों का भरोसा भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था,वा बढ़ती वैश्विक भूमिका के कारण इतना बढ़ा कि साल २९१० में ही दुनिया के इन ताकतवर देशों ने किसी न किसी रूप में भारत कि ताकत का लोहा मान लिया/लेकिन 2g स्पेक्ट्रम,आदर्श हाऊसिंग सोसाएटी,कामनवेल्थ खेल घोटालों ने हमारे अपने लोगों का विश्वास अपनी ही व्यवस्था वा सरकार पर कम किया है /
लेकिन वहीं बिहार के लोगों के विश्वास की ताकत कि,अव्यवस्था से पूरी ताकत से लड़ो व्यवस्था स्थापित हो जायेगी,पूरे भारत के लोगों को आशान्वित करती है कि सब बदल सकता है बस अँधेरे के सामने सर मत झुकाव /जातीयता,माफियागीरी,दबंगई,की राष्ट्रीय प्रयोगशाला बिहार सुशाशन,वा सुव्यवस्था की राह पर तेजी से बढ़ चला है /उसके इस बदलाव को उसका सर्वाधिक नजदीकी पड़ोसी उत्तर प्रदेश बड़ी विस्मयकारी निगाह से देख रहा है /यह नया वर्ष २०११ यू पी की सोंच को तराशने वा परिपक्वता प्रदान कराने की द्रष्टि से बेहद अहम् है /हम बिहार के परिवर्तन का सम्मान करते हैं या फिर थोडा और वक्त लेते हैं /
लेकिन वहीं बिहार के लोगों के विश्वास की ताकत कि,अव्यवस्था से पूरी ताकत से लड़ो व्यवस्था स्थापित हो जायेगी,पूरे भारत के लोगों को आशान्वित करती है कि सब बदल सकता है बस अँधेरे के सामने सर मत झुकाव /जातीयता,माफियागीरी,दबंगई,की राष्ट्रीय प्रयोगशाला बिहार सुशाशन,वा सुव्यवस्था की राह पर तेजी से बढ़ चला है /उसके इस बदलाव को उसका सर्वाधिक नजदीकी पड़ोसी उत्तर प्रदेश बड़ी विस्मयकारी निगाह से देख रहा है /यह नया वर्ष २०११ यू पी की सोंच को तराशने वा परिपक्वता प्रदान कराने की द्रष्टि से बेहद अहम् है /हम बिहार के परिवर्तन का सम्मान करते हैं या फिर थोडा और वक्त लेते हैं /
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